Saurabh Sharma Case : परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में पांच जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। हैरानी ये है कि सौरभ का ड्राइवर और उसका सबसे बड़ा राजदार प्यारेलाल केवट अब भी पकड़ से बाहर है।
Saurabh Sharma Case :मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में पांच जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालन ने कोर्ट में चालान भी पेश कर दिया है। हैरानी ये है कि सौरभ का ड्राइवर और उसका सबसे बड़ा राजदार प्यारेलाल केवट अब भी पकड़ से बाहर है। पांच माह बाद भी उसका पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त और ईडी की ओर से उसे कई बार समन भेजे गए हैं। ईडी ने चार्जशीट में बताया कि ड्राइवर प्यारेलाल(Saurabh Sharma Case) को पूछताछ के लिए पहली बार 10 जनवरी को समन भेजा गया। दूसरी बार पांच मार्च को समन भेजा गया, लेकिन वह पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुआ।
ईडी की जांचSaurabh Sharma Case) में विनय हासवानी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 50 के तहत दर्ज बयान में बताया है कि 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश से लदी कार को ठिकाने लगाने के लिए उसके पास सौरभ के ड्राइवर प्यारेलाल का फोन आया था। बाद में ईडी ने प्यारे को पूछताछ के लिए बुलाया भी गया। इस प्रकार प्यारेलाल केवट काले धन को सफेद करने के अपराध में शामिल है।