भानुप्रताप की बैठक अवैध, सिंधिया अब भी चेयरमैन

हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एवं कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्य एनके मोदी, कोषाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत मारखेड़कर एवं पूर्व विधायक और बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्य रमेश अग्रवाल ने शनिवार को कई आरोप बीओजी सचिव भानु प्रताप शर्मा पर लगाए।
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Jan 15, 2017
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भोपाल.
महाराजा जीवाजी राव एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित एवं विदिशा स्थित सम्राट अशोक टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के बोर्ड ऑफ गवर्नर का विवाद और बढ़ गया है। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज एवं कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्य एनके मोदी, कोषाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत मारखेड़कर एवं पूर्व विधायक और बोर्ड ऑफ गवर्नर के सदस्य रमेश अग्रवाल ने शनिवार को कई आरोप बीओजी सचिव भानु प्रताप शर्मा पर लगाए।



पूर्व न्यायाधीश ने चर्चा में कहा कि शर्मा द्वारा 11 जनवरी को तथाकथित बीओजी की बैठक करना अवैधानिक व आधारहीन है। नियमानुसार चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया ही हैं। बिना चेयरमैन की अनुमति के बीओजी की बैठक लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था में मनमाने तरीके लोगों को भर्ती किया जा रहा था, जिस पर संस्था ने नियंत्रण करना शुरू किया तो संस्था के सचिव ने यह विद्रोह का रास्ता अपनाया। संस्था में टीचिंग स्टॉफ से कई गुना नान टीचिंग स्टॉफ की भर्ती कर ली गई।




नोटिस देने के बाद भी नहीं हुए बीओजी में शामिल

मोदी ने कहा कि दिल्ली में संस्था के बीओजी की बैठक 11 जनवरी को सिंधिया की अध्यक्षता में की गई थी, इसके लिए सचिव प्रताप भानु शर्मा व अन्य को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दी गई। बावजूद ये शामिल नहीं हुए। यदि सदस्य या पदाधिकारी गड़बड़ी करते हैं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे।

Published on:
15 Jan 2017 01:42 am