भोपाल

ब्लू व्हेल गेम : जानिये क्यों करते हैं? इसे खेलने वाले सुसाइड

राजगढ़ में दसवीं के बच्चे ने पार की जानलेवा गेम की 49वीं स्टेज, परीक्षा कॉपी में लिखा आत्महत्या करने के लिए बनाया जा रहा दबाव।

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Sep 21, 2017
suicide game blue whale

भोपाल/राजगढ़। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित राजगढ़ जिले के खिलचीपुर उत्कृष्ट विद्यालय में दसवीं का छात्र जानलेवा ब्लू व्हेल गेम के 49वीं स्टेज तक पहुंच गया तो उस पर आत्महत्या करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। जब यह प्रेशर छात्र बर्दाश्त नहीं कर पाया तो उसने संस्कृत की तिमाही परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में सारी पीड़ा लिख डाली। उसने लिखा, मुझे धमकाया जा रहा है कि सुसाइड नहीं किया तो तुम्हारे मां-बाप को मार डालेंगे।

स्कूल की संस्कृत शिक्षिका हेमलता श्रृंगी ने जैसे ही कॉपी पढ़ी वो स्तब्ध रह गईं। उन्होंने तत्काल स्कूल प्रबंधन और परिजन को जानकारी दी और छात्र को बचा लिया। छात्र ने यह भी बताया कि वह हाथ काटने की फोटो भी डाल चुका है। कुछ और इस तरह की स्टेप को भी पार करने के लिए कुछ ऐसे ही टास्क दिए गए हैं, लेकिन यह धमकी भी दी गई है कि अब गलती की तो माता-पिता को मार देंगे।

शिक्षकों और परिजन के सामने एक बार यह बात करने के बाद से ही छात्र डर हुआ है। तब से वह किसी से कोई बात नहीं कर रहा है। घर में ही दुबका बैठा है।

जैसे ही मैंने बच्चे की कापी देखी तो ये सब पढ़कर मैंने तुरंत अपने साथी शिक्षकों को सूचना दी। हम सब बच्चे के परिवार से मिले और उसे ऐसा कदम उठाने से बचा लिया।
- हेमलता श्रृंगी, शिक्षक उत्कृष्ट स्कूल खिलचीपुर

ऐसे मामले रोकने के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाएंगे।
- प्रवीण प्रजापति,एसडीएम खिलचीपुर

क्यों करते हैं सुसाइड :
छात्र की पूरी बात समझने के बाद जानकारों का मानना है कि ऐसा लगता है कि इस खेल को खेलने वाले को पहले अपना हाथ काटने फोटो कहीं डालना होता है, उसके बाद लगातार गेम द्वारा उस पर ऐसा दबाव बनाया जाता है कि वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाता है।

इसमें प्रतिभागी के घर वालों की हत्या से लेकर कई प्रकार से आत्महत्या नहीं करने पर ऐसा किए जाने का प्रेशर क्रिएट किया जाता है, ऐसे में यह गेम खेलने वाला कमजोर पड़ता जाता है और अंत में शायद अपनों को बचाने के लिए आत्महत्या कर लेता है।

इधर, एमबीए छात्र ने लिखा-मैंने पहली स्टेज पार कर ली:
भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के चक्रवर्ती राजगोपालाचारी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (क्रिम) का एक छात्र भी ब्लू व्हेल गेम में फंस गया। गेम की पहली स्टेज पार करने पर छात्र ने अपने हाथ पर नुकीली चीज (ब्लेड) से टैटू बनाया। छात्र ने वाट्सएप पर टैटू शेयर भी किया।
छात्र के साथियों ने इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी। इसके बाद छात्र को कुलपति कक्ष में बुलाया गया, जहां छात्र से प्रभारी कुलपति डॉ. डीसी गुप्ता और रजिस्ट्रार डॉ. यूएन शुक्ल ने चर्चा की।

यह भी जाना कि उसे ब्लू व्हेल गेम की लिंक कहां से मिली। छात्र ने कहा, उसे यह गेम किसी ने भेजा था। पहली स्टेज तो पार कर ली थी, लेकिन दूसरी स्टेज के लिए गेम आेपन नहीं हो रहा था।

मोबाइल से किया दूर :
रीवा निवासी यह छात्र डे स्कॉलर है। प्रशासन ने छात्र के परिजनों को बुलाया। छात्र का मोबाइल फोन बंद कर परिजनों को सौंपा। साथ ही सलाह दी कि वे छात्र को अपने साथ ले जाएं। उसका खयाल रखें। छात्र को अकेला नहीं छोड़ें। उसे मोबाइल व इंटरनेट का उपयोग नहीं करने दें।

Updated on:
21 Sept 2017 09:45 am
Published on:
21 Sept 2017 09:40 am