
Self Click 2.0 Campaign MP : मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ा है, साइबर ठगी के तरीके भी उतनी ही तेजी से बदलते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने के लिए मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने 'सेल्फ क्लिक अभियान 2.0' शुरू किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुभारंभ किए जाने के बाद एमपी में शुरु हुए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को न सिर्फ ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी देना है, बल्कि उन्हें हर पल अलर्ट रहने के लिए प्रेरित भी करते रहना है।
साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें। अगर ऐसे करते हैं तो ठगे गए पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
आए दिन खबरों में आता है कि किसी को ओटीपी तो किसी को एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर ठग लिया गया। ऐसे में अभियान में 14 तरीकों से ठगों की चाल पहचानने का नुस्खा भी बताया गया है। मसलन कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, पासवर्ड, पिन, एटीएम का सीवीवी या बैंक संबंधी जानकारी न दें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक, क्यू.आर.कोड और अटैचमेंट पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करें। केवल भरोसेमंद वेबसाइट और आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करें। केवाइसी अपडेट या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी मांगने वाले कॉल आए तो सीधे बैंक से जानकारी मांगे। डबल का मुनाफा देने वाली कोई भी कंपनी पूरे देश में नहीं है।
अभियान के अनुसार साइबर अपराधी फिङ्क्षशग, ओटीपी, फर्जी कॉल, बैंक केवाइसी अपडेट, यूपीआइ, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, सिम स्वैप, फर्जी ऐप, ऑनलाइन शॉपिंग, लॉटरी, जॉब-टास्क, रोमांस, क्रिप्टो करेंसी निवेश और रिमोट एसेस ऐप जैसे 14 तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग कभी बैंक अधिकारी तो कभी सरकारी कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं। कई बार सस्ते ऑफर, नौकरी, इनाम या अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं।