भोपाल

भाई को बचाने के लिए बहन ने डोनेट कर दी किडनी, पति नहीं दे रहा था परमिशन, फिर कोर्ट ने दी राहत

MP News : एक बहन ने भाई को बचाने के लिए अपनी किडनी डोनेट कर दी। हालांकि महिला का पति इसको लेकर राजी नहीं था।

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Apr 23, 2024

एक भाई और बहन का इससे अटूट रिश्ता और क्या होगा। जिसने पति के खिलाफ जाकर अपनी किडनी अपने भाई को डोनेट कर दी। एमपी के राजगढ़ की रहने वाली अन्नू बाई की तरफ से याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि उसका भाई किडनी की बीमारी से ग्रस्त है। उसका पति एनओसी पर साइन नहीं कर रहा है। भाई की जिंदगी बचाने के लिए महिला ने जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले पर कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा कि पति के स्थान पर महिला का कोई करीबी रिश्तेदार हस्ताक्षर कर सकता है।

बंसल अस्पताल में चल रहा भाई का इलाज


अन्नू बाई की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उसका भाई अशोक पवार जिसकी उम्र 63 साल है। वह किडनी की बीमारी से ग्रस्त है। उसकी बीमारी अभी 5 वें स्टेज पर पहुंच गई है। डॉक्टरों की तरफ से किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई है। उसके भाई का इलाज भोपाल स्थित बंसल अस्पताल में चल रहा है। महिला ने बताया कि वह किडनी डोनेट करने के लिए मेडिकली फिट है। परिवार के सदस्यों द्वारा विचार-विमर्श कर किडनी डोनेट करने की परमिशन दे दी गई।

महिला ने कोर्ट में बताया भाई की हालत गंभीर है


महिला ने कोर्ट को बताया कि उसके भाई की हालत गंभीर बनी हुई है। इसके बाद भी उसका पति किडनी डोनेट के लिए एनओसी पर साइन नहीं कर रहा है। इसी कारण से किडनी डोनेट करने की परमिशन नहीं मिल पा रही है। जिसकी वजह से बंसल हॉस्पिटल भी परमिशन नहीं दे रहा है। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि उसके भाई की जिंदगी बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट कराना जरूरी है। एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए मानव अंगों और ऊतकों के प्रत्यारण नियम 2014 में दिये गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए महिला को राहत देते हुए आदेश जारी किया है।

Updated on:
23 Apr 2024 07:10 pm
Published on:
23 Apr 2024 05:29 pm
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