भोपाल

सलाद पर न करें इस तरह की टॉपिंग, बर्गर से ज्यादा हानिकारक होता है ये सलाद

स्वस्थ खानपान से जुड़े कुछ भ्रमों की सच्चाई...

2 min read
Jan 10, 2018
Food and Nutrition
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भोपाल। खानपान से जुड़ी कई तरह की भ्रांतियां समाज में मौजूद हैं जिनका इसलिए दूर होना जरूरी है क्योंकि इससे आपका स्वास्थ्य प्रभावित होने लगता है। कई बार कंपनियां अपने उत्पादों को बेचने के लिए भी इस तरह के भ्रम फैलाती हैं और कई बार बिना किसी वैज्ञानिक या प्रामाणिक तथ्य के ही हम सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करके धारणा बना लेते हैं। आज हम आपको ऐसे कई भ्रमों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें दूर करके आप स्वस्थ खानपान से अपनी सेहत को बनाए रख सकते हैं।

पकी गाजर फायदेमंद

ऐसा माना जाता है कि पकी हुई गाजर की तुलना में कच्ची ज्यादा अच्छी होती है। जबकि यह गलत है। पकने पर इसकी गुणवत्ता में और भी वृद्धि हो जाती है। इसे उबालकर भी खा सकते हैं।

कार्बोहाइड्रेट की सही मात्रा

यह धारणा है कि कार्बोहाइड्रेट में कमी करके आप हेल्दी रह सकते हैं। ऐसा नहीं है स्वस्थ शरीर के लिए आपको कार्बोहाइड्रेट की एक सीमित मात्रा की आवश्यकता होती है।

चीजों को खरीदें जांच कर

कई कंपनियां अपने उत्पादों को बेचने के लिए भी अपने सामान में कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होने या किसी एलर्जी से मुक्त होने की बात करती हैं। एलर्जी का संबंध सीधे आपके स्वास्थ्य से है इसलिए ऐसे उत्पादों को काफी जांच-पड़ताल करने के बाद ही खरीदना चाहिए। खानपान की चीजों को खरीदते समय उनकी एक्सपायरी या निर्माण की तिथि को भी जांच लें।

सलाद पर टॉपिंग सही नहीं

अगर आपको लगता है कि सलाद हर बार सेहत के लिए अच्छे होते हैं तो ऐसा नहीं है कि अक्सर लोग उन पर इस तरह की टॉपिंग डाल देते हैं जिससे कि वह पिज्जा और बर्गर जितनी ही हानिकारक हो जाती हैं इसलिए सिर्फ सलाद का ही लाभ लें।

डाइट सोडा है खतरनाक

डाइट सोडा को कई लोग वजन घटाने का फॉर्मूला मानते हैं। लेकिन इसका सेवन करना सेहत से खिलवाड़ है। ज्यादातर सोडा में हानिकारक तत्व होते हैं जो पेट को नुकसान पहुंचाने के साथ अन्य कई बीमारियों का सबब बन सकते हैं। कुछ डाइट सोडा में तो एसपारटेम नामक केमिकल (आर्टिफिशियल स्वीटनर) भी होता है जिससे कैंसर भी हो सकता है।

मधुमेह पीड़ित के लिए मीठा

ऐसा भ्रम है कि जिन लोगों को डायबिटीज हो उन्हें मीठा खाना बिल्कुल छोड़ देना चाहिए। जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है और बॉडी में शुगर की एक निश्चित मात्रा का जाना जरूरी है क्योंकि इससे एक सही स्तर बना रहता है। शुगर की मात्रा के कम होने की स्थिति में व्यक्ति को चक्कर आदि आ सकते हैं। कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन के बैलेंस के लिए भी शुगर की आवश्यकता होती है।

Published on:
10 Jan 2018 07:02 pm