
भोपाल। नगर वाहनों के मामले में आज भी मिनी बसों में मनमर्जी का किराया वसूली चल रही है, जबकि मैंजिक मिनी वसों से लेकर लो फ्लोर बसों तक का किराया आरटीओं के द्वारा फिक्स है। लो फ्लोर और मैजिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के बावजूद शहर में करीब २५० मिनी बसे आज भी संचालित है। जिनमें आरटीओं के नियमों का पालन न तो किराया सूची लगाने में किया जा रहा है और न हीं कंडक्टर, ड्राइवर ड्रेस में दिखाई देते है।
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रेलवे स्टेशन से हबीबगंज नाके तक का सफर हमने सात नम्बर मिनी बस से किया। कंडक्टर ने20 रुपए लिए, वहीं से हमने वापस लोग फ्लोर बसे से रेलवे स्टेशन का टिकट लेकर किराया दिया तो 13 रुपए ही लिए। भारत टाकिज पर खड़ी एक नम्बर मिनी बस में दो मिनी बसों के कंडक्टर ने कोलार का किराया अलग-अलग बताया। पहले वाले ने 30 रुपए बताए। हम दूसरी मिनी बस कंडक्टर के पास गए तो उसने २० रुपए मांगे। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से सीधे त्रिंलगा ई-८ के लिए कोई लो फ्लोर बस नहीं मिली, जबकि दो नम्बर मिनी बस वाले वहां की २० रुपए किराया मांग रहे थे।
ऑन लाइन टैक्सी व्यवस्था और ऑटो को हटा दे तो शहर में नगर वाहनों की सामान्य व्यवस्था तीन हिस्से में संचालित है। जिसमें लो फ्लोर बसे जो बीसीएलएल संचालित करता है, दूसरी मिनी बसे और तीसरी मैजिक नगर वाहन है। लो फ्लोर बसों के चलने से मिनी बसों के संख्या हर साल कम होती जा रही है। इसके बावजूद किराया व्यवस्था में आज भी इसमें सुधार नहीं किया जा सका है। इनमें न तो टिकट दिया जाता है और न ही मिनी बस में किराया सूची लगाई जा रही है, जबकि किराया सूची और ड्रेस कोड को लेकर आरटीओ हर माह औसत 50 से अधिक मिनी बसों पर चालानी कार्रवाई भीू करता है।
नगर वाहन एक नजर
-मिनी बसे करीब 250-लो फ्लोर बसे-205-मैजिक वाहन करीब-२०००
-यात्रियों का कहना
-जवाहर चौक डिपो चौराहे से भारत टॉकिज रोजाना आवागमन करने वाले रमा सिंह ने बताया कि लो फ्लोर बस से आते है तो 12 रुपए किराया लिया जाता है,लेकिन कभी लो फ्लोर बस टाइम पर नहीं मिलती है तो मिनी बस से आते है। अभी मिनी बस से आए है। उसमें 15 रुपए किराया लिया है।
-एमपी ०४, एच ३६९० मिनी बस क्रमांक दो से न्यू मार्केट से भारत टॉकिज उतरी महिला सवारी ने बताया कि मिनी बस बसे ने १२ रुपए किराया लिया है, जबकि लो फ्लोर से 8 रुपए में यहां आ जाते है। बैठने से पहेल मिनी बस वाले किराया नहीं बताते है।
-भारत टाकिज पुल के नीच मिनी बस क्रमांक नौ के ड्राइवर से किराया सूची को लेकर पूछा तो उसने कहां कि पहले लगी हुई थी,लेकिन अब मिट गई है। ड्रेस अंदर गाड़ी में रखी है। गर्मी के कारण टी शर्ट पहने हुए है।
-रेलवे स्टेशन से बाहर मिनी बस अल्पना तिराहे पर लाने से पहले ड्राइवर यातायात पुलिस को देखकर खाकी शर्ट बस ऊपर से डालकर निकल रहे थे। जैसी ही मिनी बस लेडी हास्पिटल तक लेकर गए तो शर्ट उतर सीट के पीछे टांग दी।
इनका कहना
-किराया सूची, टिकट व्यवस्था, बस स्टॉफ पर वाहन खड़ी करने का नियम मिनी बसों के साथ लो फ्लोर व मैजिक वाहनों तक पर आरटीओ निर्धारित करता है। मिनी बसें व्यक्तिगत तौर पर चलती है। इसक कारण उन पर आज तक कंट्रोल नहीं हो पाया है, जबकि उनकी यूनियने नियमों का पालन कराने का प्रयास करती है।
-संजय सोनी, प्रवक्ता बीसीएलएल
-आप सहीं कर रहे है, अधिकांंश मिनी बसों में किराया सूची नहीं होने का लाभ कंडक्टर सवारी से उठाते है। मिनी बसों में किराया सूची लगाने, ड्रेस कोड के साथ स्टॉप पर ही वाहन रोकने का नियम है। हमारे पास चालानी कार्रवाई के लिए सीमित स्टॉफ है फिर भी हम माह से ५० से अधिक मिनी बसों पर चालानी कार्रवाई करते है।
-संजय तिवारी, आरटीओ