एक सीध में नहीं आ रहा ज्योति चौराहा और बीएचइएल तिराहा का फुटपाथ, पीडब्ल्यूडी के अफसरों का तर्क- कंपनी ने बिगाड़ा, वही करेगी सुधार
भोपाल. आखिर दूसरी बार भी डेडलाइन खत्म होने के बाद चेतक ब्रिज रिनोवेशन प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। डिजाइन में फॉल्ट आने की वजह से प्रोजेक्ट और लेट होगा। इससे पहले काम खत्म करने की डेडलाइन दिसंबर २०१७ और बाद में जून 2018 तय हुई थी। प्रोजेक्ट लेट होने की वजह फुटपाथ तोड़कर दोबारा बनाया जाना है, जो एक सीध में नहीं बने हैं। इंजीनियरों को रिनोवेशन का बजट आधे से ज्यादा खत्म करने के बाद पता चला कि ब्रिज पर दोनों छोर से बनाए जाने वाले फुटपाथ एक सीध में नहीं आ रहे हैं।
बीएचइएल तिराहे की ओर से ऊ पर जाने वाला फुटपाथ बीच सड़क पर मिल रहा है जबकि ज्योति टॉकीज से ऊ पर आने वाला फुटपाथ दूसरी दिशा में जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक रेलवे ट्रैक वाले हिस्से के चौड़े होने के बाद अनुमान में गलतियां हुई, जिसके चलते ये निर्माण हो गया। अब इसे प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी रचना कंस्ट्रक्शन की जिम्मेदारी बताकर फॉल्ट को जल्द दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
बीएचइएल ने आखिर नहीं दी मंजूरी
चेतक ब्रिज पर चौड़े रास्ते बनने के बाद यहां वाहनों का दबाव बढ़ेगा। इससे बीएचइएल तिराहे की तरफ जाम के हालात बनेंगे। इससे निपटने यहां बनी रोटरी को हटाना और बीएचइएल की बाउंड्रीवाल को पीछे कर रास्ते का चौड़ीकरण जरुरी है। स्थानीय विधायक विश्वास सारंग के प्रस्ताव पर बीएचइएल ने तीन माह बाद भी अनुमति नहीं दी है।
गौरबलब है कि चेतक ब्रिज की डिजाइन में निर्माण के समय से ही फॉल्ट था। इसका रेलवे ब्रिज के ऊपर का हिस्सा तो फोरलेन की चौड़ाई का था लेकिन दोनों ओर की लैंडिंग की चौड़ाई घट कर मात्र थ्री लेन रह जाती थी। जिससे यहां आए दिन हादसे होने के साथ ही जाम की स्थिति बनती थी। इससे निजाद पाने के लिए ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने का निर्णय लिया गया था।
फैक्ट फाइल-----
एक नजर चेतक ब्रिज पर
कुल लंबाई- 646 मीटर
फिलहाल चौड़ाई- 12.8 मीटर
रेनोवेशन के बाद चौड़ाई- 20.3 मीटर
ब्रिज की चौड़ाई में वृद्धि- 7.5 मीटर
दोनों चौराहों पर चौड़ाई- 24 मीटर
प्रोजेक्ट की लागत- 25 करोड़
प्रोजेक्ट की डेडलाइन- पहले दिसंबर 2017