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एमपी सरकार के मंत्रियों की होगी ‘अग्नि परीक्षा’, दिल्ली भेजी जाएगी पूरी लिस्ट

MP News: मध्यप्रदेश की सीएम डॉ. मोहन यादव और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेता आज से दो दिन तक मंत्रियों के कामकाज और राजनीतिक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।
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CM Mohan Yadav to travel in a new indigenous electric car

CM Mohan Yadav to travel in a new indigenous electric car (Photo Source: X हैंडल)

MP News: मध्य प्रदेश में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए भाजपा ने मंत्रियों की परफॉर्मेंस समीक्षा का बड़ा कार्यक्रम तय किया है। ढाई साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही मोहन सरकार के मंत्रियों को रविवार और सोमवार को सत्ता-संगठन के प्रमुखों के सामने रिपोर्ट कार्ड रखना होगा। सबसे पहले डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा वित्त-आबकारी व प्रभार के जिलों से जुड़ा लेखा-जोखा पेश करेंगे। अंत में राज्यमंत्री राधा सिंह की बारी आएगी।

रिपोर्ट 18 मुख्य बिंदुओं पर है। सत्ता-संगठन के प्रमुख संबंधित मंत्री को उनकी कमियों से रू-ब-रू कराएंगे। इस कवायद को संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। साथ ही साथ उन विधानसभा सीटों की समीक्षा होगी, जहां भाजपा को 2023 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी अब इन सीटों पर आगामी रणनीति तैयार करने में जुटी है।

सीएम-शिवप्रकाश, प्रदेशाध्यक्ष के सामने पेशी

शनिवार देर रात की जानकारी के मुताबिक वन-टू-वन समीक्षा मुख्यमंत्री निवास पर होगी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राष्ट्रीय सह- संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे।

ली जाएगी जानकारी

होने वाली इस बैठक में नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी चर्चा होगी। संगठन यह जानना चाहता है कि मंत्रियों और स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय की स्थिति क्या है। प्रदेश नेतृत्व को इस बात की शिकायतें भी मिली हैं कि कुछ मंत्री संगठन के जिला स्तर के नेताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दे रहे हैं। इसे लेकर भी चर्चा की जाएगी। भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादों में से अब तक कितने बिंदुओं पर काम हुआ है, इसकी जानकारी भी मांगी जाएगी।

केंद्र और राज्य के लिए क्या किया ?

मंत्रियों को बताना होगा कि केंद्र-राज्य की महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर उनके विभाग की क्या प्रगति है? कम है तो वजह क्या रही, इसे दूर करने के रोडमैप पर भी बात होगी।

विवादों से जुड़े विषयों पर भी होगी बात

बताते हैं, विवादों से जुड़े मंत्रियों से पक्ष पूछा जाएगा। कैबिनेट विस्तार की चर्चा है। मंत्री चाहते हैं विवादों से उन्हें जबरन जोड़ा गया, सत्ता-संगठन फैसले से पहले उनका पक्ष लें।

पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी दिल्ली

सूत्रों के मुताबिक निगम-मंडल में जारी नियुक्तियों के बाद अब निगाहें मंत्रिमंडल विस्तार पर हैं। लिहाजा उससे पहले मंत्रियों के वन-टू-वन फॉर्मूले को मंत्रिमंडल विस्तार की कड़ी में अहम माना जा रहा है। क्योंकि यहां से फीडबैंक के बाद तैयार रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी। कड़ी इसी रिपोर्ट के आधार पर फैसला किया जाएगा कि मोहन मंत्रिमंडल से किनकी छुट्टी की जाए। जब छुट्टी करने वाले नाम तय हो जाएंगे तो नए नाम जुड़ेगे।