कोरोना संक्रमण के कारण बढ़ रहे रोगी
भोपाल. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा डराने वाले म्यूकोमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के प्रकोप के बाद अब इस महामारी से जुड़ा एक और नया संक्रमण सामने आया है। चिकित्सकीय भाषा में म्यूकोरमाइकोसिस ट्यूबरकुलोसिस कहा जाता है। यह संक्रमण ब्लैक फंगस से उबरने वाले मरीजों में टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) पैदा कर रहा है।
बीते एक महीने में ही इस संक्रमण के पांच मरीज सामने आ चुके हैं। चिकित्सों की चिंता यह है कि ब्लैक फंगस से उबरने के एक महीने बाद इन मरीजों को टीबी का संक्रमण भी दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक को ब्लैक फंगस और ट्यूबरकुलोसिस के कॉम्बीनेशन को मरीज के लिए अत्यधिक खतरनाक है। दोनों बीमारी का एक साथ इलाज मुश्किल पैदा कर रहा है.
विशेषज्ञों के नजर में को दोनों संक्रमण एक साथ होना खतरनाक होता है। दरअसल दोनों बीमारियों के उपचार लंबे चलते हैं और दोनों में संक्रमण रोकने हाई डोज दिया जाता हे। म्यूकोर के इलाज के लिए चार महीने दवाएं खानी पड़ती हैं तो टीबी के उपचार के लिए छह महीने तक डॉट्स का डोज लेना पड़ता है।
एक महीने बाद दिखे लक्षण
66 साल के एक मरीज को ब्लैक फंसस संक्रमण से उबरने के एक महीने बाद हल्के बुखार और बेहद गंभीर बदन दर्द की शिकायत शुरू हुई। चिकित्सकों ने शुरुआत में उनका इलाज मांस-पेशियों को आराम देने वाले और बिना स्टेरॉयड से इलाज किया, जिससे राहत नहीं मिली। बाद डॉक्टर को दिखाया जहां जांच मंे टीबी की पुष्टि हुई।
दवाएं न छोड़ें, पौष्टिक भोजन लें
हमीदिया अस्पताल के इएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. यशवीर का कहना है कि म्यूकोर में व्यक्ति की इम्युनिटी वैसे ही कम रहती है। देखने में आया है कि डिस्चार्ज होने के बाद मरीज घर पर साफ सफाई का खयाल न रखना और दवा न लेने जैसी लापरवाही बरतता है। एेसे में मरीज को और भी दूसरे संक्रमण लग जाते हैं।