माशिमं की रूलबुक में ऐसी कॉपियों को नकल की श्रेणी में किया गया है शामिल, बढ़ेगी विद्यार्थियों की समस्या
भोपाल. माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) मध्य प्रदेश की सख्त हिदायत के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर छात्र-छात्राओं को सिलाई उखड़ी कॉपी बांटी जा रही है। विद्यार्थियों की शिकायत पर शिक्षक कॉपी को बदलने की जगह स्टेपलर लगा रहे हैं। जबकि मंडल द्वारा जारी रूलबुक में सिलाई उखड़ी, टूटी या कम पेज होने पर वाली कॉपी विद्यार्थियों को वितरित न करने के निर्देश हैं। इतना ही नहीं इन कॉपियों को मूल्यांकन में शामिल न करते हुए नकल प्रकरण में दर्ज करने के आदेश भी माशिमं ने दिए हैं।
10वीं की मुख्य परीक्षाएं समाप्त
एमपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की मुख्य परीक्षाएं सोमवार को समाप्त हो चुकी हैं। विद्यार्थियों ने सामाजिक विज्ञान का पेपर हल किया। अब बुधवार को यह विद्यार्थी आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस (एआइ) एवं एनएसक्यूएफ का पेपर देंगे। वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 5 मार्च को समाप्त होंगी।
कहीं हम नकलची की श्रेणी में न आ जाएं
परीक्षा केंद्रों से बाहर आए विद्यार्थियों से परीक्षा के बारे में बात की गई तो छात्रों ने बताया कि इस बार पेपर काफी सरल थे, लेकिन कई पेपर में सिलाई उखड़ी उत्तर पुस्तिकाएं दी गई थीं। शिकायत करने पर शिक्षकों ने कॉपी पर नोट लगा दिया कि कॉपी की सिलाई निकली है, इसलिए स्टेपलर लगाया गया है, लेकिन उसके बाद जब भी शिकायत करते शिक्षक बिना किसी लिखा-पड़ी के कॉपी में स्टेपलर लगा देते थे। अब डर यह है कि कहीं हम नकचियों की श्रेणी में न आ जाए।
बच्चों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान यदि ऐसी कॉपियां निकलती हैं तो जांच के बाद निराकरण किया जाएगा।
केडी त्रिपाठी, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश