पुरानी से पुरानी थायराइड हो जाएगी जड़ से ठीक, बस ये आहार कर लें डाइट में शामिल
भोपालः आज कल की बिगड़ती दिन चर्या और खानपान में आए बदलाव के कारण आमतौर पर लोगों को किसी ना किसी बीमारी से जूझना पड़ रहा है। इन्हीं में से एक बीमारी है थायराइड, जिसने आज के समय में एक बड़ी आबादी को अपने आगोश में जकड़कर रखा है। थायराइड हमारे शरीर में पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक होती है। थायराइड ग्रंथि गर्दन मे श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यन्त्र के दोनों ओर दो भागों में बनी होती है। ये एक गंभीर समस्या का रूप लेती जा रही है। लेकिन अगर कुछ खानपान में बदलाव करके सही उपचार लिया जाए, तो आप इस गंभीर समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
जरुर कराएं थायराइड टेस्ट
शरीर में बन रही अनियमित्ताओं के चलते आज के समय में बड़ी आबादी बहुत तेज़ी से थायराइड का शिकार हो रही है। पहले आमतौर पर इसका शिकार महिलाएं होती थीं, लेकिन अब पुरुष भी इस बीमारी से अछूते नहीं हैं। इस बीमारी की जानकारी लगते ही तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। इसके साथ ही, अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखना भी ज़रूरी है। इसी के चलते हम आपको कुछ ऐसे आहार बताने जा रहे हैं, जिसका सेवन करके आप इस गंभीर बीमारी को बढ़ने से रोक सकते हैं।
दो प्रकार का होता है थायराइड
हाइपरथायरायडिज्म से एट्रियल फिब्रिलेशन, ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर होने की संभावना ज्यादा रहती है। वहीं, हाइपोथायरायडिज्म, मायक्सेडेमा कोमा और मृत्यु तक का कारण बन जाता है। थायराइड समस्याओं का सबसे आम कारण ऑटोम्यून्यून थायराइड रोग (एआईटीडी) है। यह वंशानुगत (जेनेटिक) हो सकती है। इमें प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडी उत्पन्न करती है। थायराइड बढ़ने पर ग्रंथियों में ज्यादा हार्मोन बनने लगते हैं।
थायराइड के लक्षण
-हाइपरथायरायडिज्म में वजन घटना, गर्मी न झेल पाना, ठीक से नींद न आना, प्यास लगना, अत्यधिक पसीना आना, हाथ कांपना, दिल तेजी से धड़कना, कमजोरी, चिंता, और अनिद्रा की समस्या उत्पन्न होने लगती है।
-हाइपोथायरायडिज्म में सुस्ती, थकान, कब्ज, धीमी हृदय गति, ठंड, सूखी त्वचा, बालों में रूखापन, अनियमित मासिकचक्र और इन्फर्टिलिटी के लक्षण दिखाई देते हैं.
इन तत्वों की कमी से बढ़ता है थायराइड
शरीर में आयोडीन, सेलेनियम और जिंक की मात्रा घटने से थायराइड की समस्या पैदा होती है। ये तीनो ही तत्व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए काफी ज़रूरी होते हैं, लेकिन आज कल के खान-पान में पाई जाने वाली अनियमित्ताओं के चलते शरीर में इन ज़रूरी तत्वों की कमी बढ़ने लगी है। इस कारण से ये समस्या लोगों में काफी तेज़ी से बढ़ रही है। ऐसे में हम थायराइड के मरीजों को उन चीजों के बारे में बताएंगे, जिनमें ये ज़रूरी तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आइये जानते हैं उन कास आहारों के बारे में...।
ये आहार करें डाइट में शामिल
-मशरूम
थायराइड के मरीजों के लिए मशरूम अच्छे आहारों में से एक है। इसमें सेलेनियम की मात्रा अधिक होती है, जो थायराइड को कंट्रोल करने का काम करता है। इसलिए इसका सेवन जरुर करें।
-अंडा
इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा इसमें सेलेनियम भी पाया जाता है। जो कि थायराइड के रोगियों के लिए जरुरी है।
-दही
थायराइड के रोगियों के लिए दही सबसे बेहतर आहार माना जाता है। दही खाने से शरीर में इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है। जिससे थायराइड कंट्रोल में रहता है और काफी हद तक सही भी होता है।
-नट्स
नट्स में आप अधिक मात्रा में अखरोट और बादाम का सेवन करें। यह आयोडीन का बहुत ही अच्छा स्त्रोत होता है। जो कि आपको आवश्यक पोषक तत्व तो देता ही है। इसके साथ ही थायराइड ग्रंथि को हेल्दी रखने में मदद करता है।
-अलसी का बीज
थायराइड के लिए अलसी का बीज काल के समान है। इसमें भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। जो कि इस बीमारी को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसलिए इस बीमारी के मरीज अलसी या उसका तेल इस्तेमाल करें।