भोपाल

48 घंटे में तीन जगह दिखे बाघ, अलर्ट जारी

विशेषज्ञ बोले- जंगलों में नहीं है पानी, शहर की ओर कर रहे रुख, विभाग का दावा- व्यवस्था ठीक है  

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Apr 28, 2019
tiger news

भोपाल। राजधानी की सीमाओं से सटे वन क्षेत्रों में पिछले दो दिनों में बाघ की हलचल बढ़ी है। पिछले 48 घंटे में तीन जगहों पर आबादी वाले इलाकों के पास बाघ देखे गए। वन विभाग का दावा है कि बाघ फेंसिंग की दूसरी ओर एवं अपने इलाके में है, लेकिन लगातार बाघ दिखने से लोग डरे हुए हैं। सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने इलाकों में गश्त बढ़ाते हुए अलर्ट जारी कर दिया है।

राजधानी से सटे वन क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक बाघ भ्रमण कर रहे हैं। एक सप्ताह पहले भानपुरा केकडिय़ां गांव के पास आदिवासी किशोर सुनील चौहान और उसके साथियों का बाघ से अचानक सामना हुआ। इसमें सुनील मामूली रूप से घायल भी हुआ। इसके बाद आदमपुर, बालमपुर, भानपुर, अमोनी सहित केरवा में बाघ के कम घने जंगल में मूवमेंट और ग्रामीणों द्वारा बाघ देखे जाने के मामले सामने आए हैं। जानकार बताते हैं कि इसके पीछे बढ़ी हुई गर्मी कारण है, जिसके चलते बाघ पानी की तलाश में बाहरी इलाकों के आसपास घूम रहे हैं या कुछ और कारण है।


ग्रामीण क्षेत्रों में धमक
विदिशा रोड पर बालमपुर घाटी के पास अमोनी गांव में बाघ दिखने से सनसनी फैल गई। यहीं प्रेमपुरा गांव के पास भी बाघ देखा गया। एक साथ दो जगहों पर गांव के पास बाघ देखे जाने के बाद वन विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए गश्त बढ़ा दी है।


शहर के नजदीक भी
समरधा रेंज के सबसे चर्चित केरवा इलाके में भ्रमण कर रही बाघिन अमूमन जंगलों में रहती है, लेकिन शनिवार को कई राहगीरों ने बाघिन को सडक़ से कुछ ही दूरी पर बैठे देखा। इसी इलाके के भानपुर गांव के पास बाघ देखने की सूचना आई।

बाघ अपने ही इलाके में है
जहां बाघ दिखे हैं, वह जगह फेंसिंग से घिरी है, बाघ अपने ही इलाके में है। वन्य प्राणियों के लिए वन क्षेत्र में पर्याप्त पानी के इंतजाम है। लगातार गश्त करने के साथ ग्रामीणों को बाघ भ्रमण इलाके में न जाने की समझाइश दी जा रही है। -एके झंवर, रेंजर, समरधा

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Published on:
28 Apr 2019 04:01 am
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