हाईकोर्ट के आदेश पर मिली जमानत की शर्त पूरी करने फैजान नवंबर माह के पहले मंगलवार को दूसरी बार तिरंगे को सलामी देने मिसरोद थाने पहुंचा। यहां उसने तिरंगे को सलामी दी और कहा कि हम हिंदुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। उसने कहा हम देश और राष्ट्रीय ध्वज से बहुत प्यार करते हैं। बाद में उसने 21 बार तिरंगे को सलामी दी।
भोपाल. हाईकोर्ट के आदेश पर मिली जमानत की शर्त पूरी करने फैजान नवंबर माह के पहले मंगलवार को दूसरी बार तिरंगे को सलामी देने मिसरोद थाने पहुंचा। यहां उसने तिरंगे को सलामी दी और कहा कि हम हिंदुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। उसने कहा हम देश और राष्ट्रीय ध्वज से बहुत प्यार करते हैं। बाद में उसने 21 बार तिरंगे को सलामी दी। उसके साथ तिरंगे के सम्मान में पुलिस कर्मियों ने भी सैल्यूट किया।
बता दें कि जबलपुर हाईकोर्ट ने महीने के पहले और चौथे मंगलवार को 21 बार तिरंगे को सलामी देने पर फैजान को जमानत दी है, जिसका पालन करने वह अक्टूबर के आखरी मंगलवार के बाद दूसरी बार नवंबर माह के पहले मंगलवार को पहुंचा था।
मई 2024 में एक ढाबे के बाहर फैजान ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता उसे समझाने पहुंचे तो वह उनसे मारपीट करने लगा। मामले की मिसरोद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच के बाद फैजान के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने फैजान को इस शर्त पर जमानत की मंजूरी दी थी कि वह महीने के पहले और चौथे मंगलवार को 21 बार तिरंगे को सलामी देगा। जिसका पालन करने वह अक्टूबर के आखरी मंगलवार और दूसरी बार नवंबर माह के पहले मंगलवार को थाने पहुंचा था।
फैजान ने बताया कि रील बनाकर इंटरनेट मीडिया पर हिट होने के लिए उसने जोश में नारेबाजी की थी। गलती की है, जिसका मुझे पछतावा है। मेरे मन में अपने देश के प्रति सम्मान है और हमेशा बना रहेगा। फैजान ने कहा कि उसने अपने दो दोस्तों के उकसावे में आकर देश विरोधी नारेबाजी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे नारे लगाओगे तो फेमस हो जाओगे।