
भोपाल. कलियासोत संरक्षित वन क्षेत्र में 13 शटर से निजी संस्थान की ओर जाने वाली सड़क के दोनों ओर सफाई के नाम बड़ी संख्या में पौधों को उखाडऩे के साथ बढ़ते पेड़ों को काट दिया गया है। संरक्षित वन क्षेत्र में पेड़ों को काटना तो दूर पौधों-झाडिय़ों तक को काटा नहीं जा सकता। वन प्रेमियों का कहना है कि यह सड़क को चौंड़ा करने के लिए संरक्षित वन में यह काम हुआ है।
पहले जाली पीछे हटाई, अब हटाए पेड़-पौधे, झाडिय़ां
कलियासोत डेम के 13 शटर से चंदनपुरा होते हुए निजी संस्थान की ओर जाने वाली सड़क पर वन विभाग ने सड़क के किनारे-किनारे फेसिंग की थी। छह महीने पहले वन विभाग ने यहां ऊंची सुरक्षा जाली लगाई तो इसे पिछली जाली से तीन से चार फीट पीछे कर दिया। इस बीच पूरे इलाके को संरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। इसके बाद जाली के बाहरी हिस्से में से पौधे-झाडिय़ां और बढ़ते हुए पेड़ तक हटाए गए हैं। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत वन अधिकारियों से भी की है।
कलियासोत में वन क्षेत्र को संरक्षित किया जा चुका है, लेकिन वन विभाग इस वन क्षेत्र की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरत रहा है। यहां खुलेआम झाडि़यों की आड़ में पेड़ तक काटे जा रहे हैं। इसकी शिकायत की है।
राशिद नूर खान
संरक्षित वन क्षेत्र के इलाके में इस तरह की कटाई नहीं की जा सकती। मैं इस मामले को दिखवाता हूं।
आलोक पाठक, डीएफओ