पहले डोज के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाती है.....
भोपाल। कोरोना के कहर को थामने के लिए वैक्सीन (vaccine) बड़ा सुरक्षा कवच है। दोनों डोज लेने के बाद भी लोग कोरोना की चपेट में तो आ रहे हैं, लेकिन वे गंभीर बीमार या मौत के शिकार नहीं हो रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, वैक्सीन के पहले डोज के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनना शुरू हो जाती है। इंडियन रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग एसोसिएशन के सचिव डॉ. चंद्रप्रकाश ने तीन सीटी स्कैन इमेज के जरिए वैक्सीन के असर को समझाने की कोशिश की है ।
नामः रुचि (परिवर्तित नाम)
छात्रा उम्र 23 साल
वैक्सीनेशन नहीं लगे डोज
सीटी स्कोर 25/25
यानी 100% संक्रमण
असर: इमेज में फेफड़े पूरी तरह सफेद दिखाई दे रहे हैं। इसका मतलब वे पूरी तरह संक्रमित हो चुके हैं। सफेद मतलब म्यूकस पूरी तरह फेफड़ों में भर गया, जिससे हवा का प्रवाह खत्म हो गया और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया।
नामः हेमलता (परिवर्तित नाम)
उम्र 56 साल
वैक्सीनेशन: एक डोज लगा
सीटी स्कोर 16/25
यानी करीब 40 फीसदी संक्रमण
असर: सिंगल डोज दो-चार सप्ताह में कुछ प्रतिशत तक एंटीबॉडी तैयार कर देता है, लेकिन इतनी नहीं कि कोरोना को रोक सके । इमेज में नजर आ रहा है कि पहले के मुकाबले स्थिति बेहतर है। मरीज जल्दी ठीक हो सकता है।
नामः राजेश (परिवर्तित नाम)
उम्र 35 साल
वैक्सीनेशनः दोनों डोज लगे
सीटी स्कोर 2/25
यानी 5% संक्रमण
असर: दूसरी डोज के बाद शरीर में एंटीबॉडी तैयार हो जाती है। इस मरीज को संक्रमण तो हुआ, लेकिन असर नगण्य रहा। दूसरे डोज के 15 दिन बाद वायरस के गंभीर लक्षण पैदा करने की क्षमता शून्य हो जाती है।
लक्षण के पांच दिन बाद कराएं सीटी स्कैन
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोग सर्दी जुकाम या कोरोना लक्षण के एक-दो दिन बाद ही सीटी स्कैन कराने पहुंच जाते हैं, जो सही नहीं है। लोगों को चार से पांच दिन बाद सीटी स्कैन कराना चाहिए। इससे संक्रमण बेहतर तरीके से पकड़ में आता है।