Vande Bharat Express: वंदे भारत के एक्जीक्यूटिव कोच में 72 प्रतिशत सीट पर रिजर्वेशन कोटे से ऑक्युपेंसी दर्ज हुई। राजधानी एक्सप्रेस की ऑक्युपेंसी 75 से 80 प्रतिशत के बीच आंकी गई है।
Vande Bharat Express: वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरू हुए एक साल से अधिक ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी यात्रियों की पसंद नहीं बदली है। भोपाल से दिल्ली जाने के लिए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से सफर शुरू करने वाले यात्रियों की पसंद में आज भी शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस है।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से शुरू होने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) ऑक्युपेंसी रिपोर्ट में पहले पायदान पर आई है। दूसरे पायदान पर राजधानी एक्सप्रेस एवं तीसरे पायदान पर शताब्दी एक्सप्रेस आई है। वंदे भारत एक्सप्रेस में सप्ताह भर में औसत 86 प्रतिशत सीटों पर आरक्षित टिकट वितरित किए गए।
वंदे भारत के एक्जीक्यूटिव कोच में 72 प्रतिशत सीट पर रिजर्वेशन कोटे से ऑक्युपेंसी दर्ज हुई। राजधानी एक्सप्रेस की ऑक्युपेंसी 75 से 80 प्रतिशत के बीच आंकी गई है। शेष सीटों का वितरण तत्काल कोटे से किया गया। शताब्दी एक्सप्रेस के प्रतिदिन 72 प्रतिशत सीट आरक्षित टिकट के रूप में वितरित किए गए, शेष टिकट तत्काल एवं डिफरेंस लेकर आवंटित हुए हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस में टैक्स मिलाकर यही किराया अधिकतम 3200 रुपए तक है। शताब्दी एक्सप्रेस में चेयर कार में 1500 एवं एग्जीक्यूटिव क्लास में 2500 रुपए किराया निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार राजधानी एक्सप्रेस में भी 1800 रुपए, 2500 एवं 3100 रुपए का टिकट निर्धारित है।
वर्तमान में शताब्दी एक्सप्रेस में भोपाल तक के लिए प्रतिदिन ग्वालियर रेलवे स्टेशन से औसतन 200 यात्री सफर कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि भोपाल और हजरत निजामुद्दीन के लिए वंदे भारत की एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी के किराये से ज्यादा है।
वह भी तब, जब राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस के किराये में सर्वाधिक डायनामिक फेयर लग रहा है। यही कारण है कि वंदे भारत एक्सप्रेस को शताब्दी एक्सप्रेस के मुकाबले कम यात्री मिल रहे हैं।