
भोपाल. बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना हुआ है, यह मंगलवार तक उत्तर प्रदेश की ओर चला जाएगा। इसका असर घटने से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां कम होने लगी हैं। इन गतिविधियों के मंगलवार को और कम होने का अनुमान है, लेकिन इसी बीच बंगाल की खाड़ी में एक ऊपरी हवा का चक्रवात बन चुका है जो धीरे-धीरे ताकतवर हो रहा है। यह 28 जुलाई के आसपास कम दबाव के क्षेत्र में रूप में विकसित हो सकता है। इसके असर से मंगलवार से ही पूर्वी हिस्सों में नमी भरी हवाएं असर दिखाने लगेंगी। बाकी प्रदेश पर इसका प्रभाव कब और कितना पड़ेगा यह इसके आगे बढऩे की दिशा और गति पर निर्भर करेगा।
प्रदेश में रविवार से सोमवार सुबह तक बारिश की जोरदार गतिविधियां हुईं। इस दौरान रतलाम में लगभग पांच इंच तो शाजापुर में साढ़े तीन इंच बरसात हुई। इसके अलावा पचमढ़ी, खंडवा, उज्जैन में लगभग दो इंच तक पानी बरसा। इसके बाद सोमवार दिन में बारिश कुछ कम हुई लेकिन गतिविधियां जारी रही। शाम तक रायसेन में एक तो भोपाल में पौन इंच बारिश हुई वहीं पचमढ़ी, रतलाम, गुना, सागर छिंदवाड़ा और इंदौर में दो से सात मिमी के बीच हल्की बौछारें पड़ी। जबलपुर, होशंगाबाद और सतना में एक मिमी के लगभग बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह तक ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों तथा राजगढ़, आगर, नीमच, मंदसौर एवं टीकमगढ़ जिलों में कहीं -कहीं भारी से अति भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है।
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मौसम वैज्ञानिक एसके नायक ने बताया कि, मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर औसत समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के साथ चलायमान है जबकि इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति के करीब है। अगले 24 घंटों के दौरान मानसून ट्रफ का पश्चिमी उत्तर की ओर शिफ्ट होने की संभावना है।
- औसत समुद्र तल से 3.1 और 7.6 किमी के बीच, ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकाव के साथ पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा मोटे तौर पर 25 उत्तरी अक्षांश के साथ चलायमान है।
- मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल स्तर पर, एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव में 28 जुलाई के आसपास उत्तरी खाड़ी बंगाल की और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।