भोपाल

दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से उतरेंगे शिवराज सिंह चौहान!

भोपाल से इस बार भाजपा को टक्कर...

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Mar 24, 2019
दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल से उतरेंगे शिवराज सिंह चौहान!

भोपाल। लोकसभा चुनावों को लेकर जहां कांग्रेस ने काफी हद तक अपनी स्थिति मध्यप्रदेश में साफ कर दी है। वहीं भाजपा अब भी अपने कई उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाई है।

यहां तक कि भाजपा अब तक अपने मुख्य गढ़ों जैसे भोपाल, विदिशा, इंदौर में तक अपने प्रत्याशियों की घोषणा रोके हुए है।

वहीं कांग्रेस ने भोपाल से इस बार भाजपा को टक्कर देने के लिए पूर्व सीएम दिग्विजय को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि दिग्विजय के चुनाव में आने से भाजपा के लिए भोपाल की सीट एक कड़े मुकाबले का रूप ले सकती है।

जानकारों के अनुसार भोपाल से कांग्रेस द्वारा दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बीजेपी में उथल-पुथल शुरू हो गई है। वहीं अब इस सीट पर टक्कर को देखते हुए भाजपा यहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उतारती दिख रही है।

बताया जाता है कि दिग्विजय सिंह को टक्कर देने के लिए अब तक कोई अधिकारिक बयान तो भाजपा की ओर से जारी नहीं किया गया है, लेकिन शिवराज को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं, वहीं शिवराज के एक बयान ने भी सियासी सुगबुगाहट तेज कर दी है।

सूत्रों के अनुसार 3 दशक से बीजेपी के अभेद किले के रूप में प्रसिद्ध इस संसदीय सीट को बनाए रखने लिए पार्टी ने अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना शुरू कर दिया है। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह पर चुटकी लेते हुए शिवराज ने यह भी कहा कि वह तो बंटाधार करने वाले नेता रहे हैं।

साथ ही खुद शिवराज सिंह चौहान ने भी दिग्विजय के भोपाल से लड़ने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शिवराज ने भोपाल में कहा, 'दिग्विजय सिंह भोपाल से या कहीं से भी चुनाव लड़ें, बीजेपी के सामने चुनौती नहीं बन पाएंगे। बीजेपी प्रदेश की सभी 29 में से 29 सीटें जीतेगी।'

यहां शिवराज से पत्रकारों ने पूछा कि दिग्विजय सिंह को वह कितना मजबूत कैंडिडेट मानते हैं, जो 16 साल बाद राजनीति में सीधे तौर पर उतर रहे हैं। इस पर शिवराज ने जवाब दिया, 'बंटाधार रिटर्न हैं।'

दिग्विजय के खिलाफ अपनी उम्मीदवारी के सवाल पर शिवराज ने साफ-साफ जवाब न देते हुए कहा कि इस बारे में पार्टी जो सोचेगी उसके बाद निर्णय किया जाएगा।

जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनावों में तीन राज्यों में हार मिलने के बाद बीजेपी अब कोई मौका छोड़ने को तैयार नहीं है। बीजेपी के रणनीतिकार इस तथ्य को भी बखूबी समझ रहे हैं कि भोपाल की 8 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच वोटों का अंतर 2018 में एक लाख से भी कम था, जो कि 1989 के बाद से दूसरी बार हुआ है।

शिवराज सिंह चौहान के नाम पर चर्चा...
बताया जाता है कि ऐसे में भोपाल सीट से दिग्विजय के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने के लिए बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम पर चर्चा कर रही है।
बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा, 'दिग्विजय सिंह के लिए भोपाल जीतना चुनौती है, कांग्रेस भी मानती है कि वह नहीं जीत सकते। यह कांग्रेस का गुटीय संघर्ष है और बीजेपी अपनी पूरी ताकत से लड़ेगी।'

ये है सबसे बड़ी चिंता...
बीजेपी के सूत्रों के अनुसार भोपाल से दिग्विजय को उम्मीदवार बनाए जाने से सबसे बड़ी चिंता क्षेत्र में 4.5 लाख अल्पसंख्यक वोटों को लेकर है, जो कांग्रेस के साथ जा सकते हैं।

इस क्षेत्र में 8 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें से तीन सीटें भोपाल (उत्तर), भोपाल (मध्य) और भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) कांग्रेस के पास हैं। इनमें भी दो सीटों पर दिग्विजय के करीबी पीसी शर्मा और आरिफ अकील प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

बीजेपी इस बात से भी चिंचित है कि बाबूलाल गौर जैसे उसके कुछ प्रभावी, लेकिन असंतुष्ट नेता दिग्विजय के करीब जा रहे हैं।

Published on:
24 Mar 2019 08:38 pm
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