
हर सालों लाखों खर्च और सैकड़ों योजनाओं के बाद भी राजधानी स्थित वन विहार नेशनल पार्क में वन्यप्राणियों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। सोमवार को जारी हुई 2023 हुई वन्यप्राणी गणना में इस बात का खुलासा हुआ है। इस साल शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों को मिलाकर कुल 1510 वन्यप्राणी पाए गए हैं। जबकि साल 2022 में 1652 और साल 2021 में 1429 वन्य प्राणियों की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 7 साल में सिर्फ 300 जानवरों की बढ़ोतरी हुई है। 10 फरवरी से शुरु हुई गणना में 52 ट्राजेक्ट पॉइंट (एरियों की मार्किंग) तैयार किए गए थे। इन पाइंट पर करीब 60 कर्मचारियों ने तीन दिन तक गणना की थी।
चीतल, हिरण घटे, बाघ, तेंदुए की संख्या बढ़ी
अलग-अलग जगहों से घायल बाघ और तेंदुए आने के कारण इस साल इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जबकि, शाकाहारी जानवरों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। चीतल, हिरण, नीलगाय, सांभर की तादाद कम हुए हैं। प्रबंधन का दावा है कि, इस साल के अंत तक कई अन्य नए जानवर वन विहार में देखने को मिलेंगे। इनके लिए बाड़े बनाए जा रहे हैं। इनमें जेब्रा, जिराफ, चौसिंगा शामिल हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार ?
इस संबंध में वन विहार नेशनल पार्क के डायरेक्टर पद्मप्रिया बालाकृष्णन का कहना है कि, वन विहार नेशनल पार्क को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। इस साल के अंत तक कई नए जानवर आएंगे। साथ ही, ब्रीडिंग के प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं।
वन विहार में पिछले 6 साल में वन्य प्राणियों की संख्या
साल खुले में रहने वाले बाड़े में रहने वाले
2022- 1516- -130
2021- 1429- -128
2020- 1407- -119
2019- 1339- -105
2018- 1258- -83
2017- 1149- -56
2023 की गणना के अनुसार बाड़े में रहने वाले वन्यप्राणियों की संख्या
वन्यप्राणी — 2023
-सिंह - 03
-बाघ - 12
-सफेद बाघ - 1
-तेंदुआ - 11
-भालू - 20
-हायना - 20
-मगर - 11
-बायसन - 2
-पहाड़ी कछुआ - 24
-जलीय कछुआ - 34
-अफ्रिकन कछुआ - 5
-घडियाल - 3
=कुल - 121
खुले में विचरण करने वाले जानवर
-चीतल - 478
-सांभर - 382
-नीलगाय - 82
जंगली पिग - 96
-मोर - 114
-सियार - 66
-लंगूर - 77
-काला हिरण - 77
-बारासिंगा - 11
-सेही - 1
-चिंकारा - 1
-कुल - 1383