
Bijapur Pm Awas: बीजापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब आदिवासी हितग्राहियों को मिली राशि में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ की ग्राम पंचायत ईतामपार के आश्रित ग्राम बोडगा के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर आवास की किस्त बैंक से निकलवाकर अपने पास रखने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 26 लाख रुपए की राशि कथित तौर पर इस तरह रखी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच और पूरी राशि वापस दिलाने की मांग को लेकर ग्रामीण विधायक विक्रम मंडावी के साथ जिला पंचायत पहुंचे और सीईओ को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके बैंक खातों में पहली किस्त के रूप में 40 हजार और दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपए जमा हुए थे। आरोप है कि पंचायत सचिव कोमल निषाद हितग्राहियों को बैंक ले गए और राशि निकलवाने के बाद प्रत्येक हितग्राही को केवल 500-500 रुपए दिए। शेष राशि अपने पास रखने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि अन्य हितग्राहियों को भी बैंक ले जाकर आवास की राशि निकलवाई जा रही है।
हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी पूरी राशि वापस मांगी तो उन्हें डराया-धमकाया गया। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें जेल भेजने की धमकी तक दी गई। इससे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले से ही नक्सल ङ्क्षहसा प्रभावित क्षेत्र में जीवन गुजार रहे हैं। ऐसे में पक्का मकान बनाने के लिए शासन से मिली राशि भी उनके हाथ में नहीं रहने से वे परेशान हैं।
ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मामले की जांच कराने की बात कही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हितग्राहियों के खातों से कितनी राशि निकाली गई और उसके वितरण में किस स्तर पर अनियमितता हुई। ग्रामीणों ने बैंक खातों, आवास योजना से जुड़े दस्तावेजों और राशि के लेन-देन की जांच कराकर पूरी राशि वापस दिलाने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि हर गरीब परिवार का सपना अपना पक्का मकान होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। यदि हितग्राहियों की राशि में इस तरह की अनियमितता हुई है तो यह गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण मामला है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।