13 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

100 करोड़ से दोबारा बनेगा छत्तीसगढ़ का ये 35 किमी हाईवे, दो राज्यों के हजारों लोगों की लाइफलाइन है यह सड़क

Bijapur News: बीजापुर जिले के भोपालपटनम में वरदम-पतागुडम राष्ट्रीय राजमार्ग की करीब 35 किलोमीटर सड़क अब 100 करोड़ रुपए की लागत से दोबारा बनाई जाएगी।
2 min read
Google source verification
Chhattisgarh News

100 करोड़ से फिर बनेगा हाईवे (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: करोड़ों रुपए की लागत से बनी वरदम-पतागुडम राष्ट्रीय राजमार्ग की सडक़ कुछ ही वर्षों में जर्जर होने और बारिश में जगह-जगह उखडऩे की पत्रिका की खबर का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। खबर में सड़क की बदहाली और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवालों को प्रमुखता से सामने लाया गया था। इसके बाद प्रशासन के दबाव में ठेकेदार ने आखिरकार सड़क के पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया है।

छत्तीसगढ़- महाराष्ट्र को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर 10 अगस्त से मशीनें उतार दी गई हैं। वरदम से पतागुडम तक करीब 35 किलोमीटर सड़क को उखाड़कर नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके लिए करीब 100 करोड़ रुपए की लागत प्रस्तावित है। श्रीनिवासा लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी, मंचेरियल ने निर्माण कार्य शुरू किया है।

खबर के बाद प्रशासन ने दिखाई सख्ती

सड़क की बदहाली को लेकर पत्रिका ने लगातार खबर प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर खींचा। इसके बाद प्रशासन ने सड़क की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निर्माण एजेंसी पर काम शुरू करने का दबाव बनाया। अब पुराने सड़क हिस्से को उखाडक़र नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है।

चार साल में ही सड़क ने छोड़ा साथ

राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि दोनों राज्यों के बीच आवागमन सुगम होगा, लेकिन कुछ ही वर्षों में सड़क की हालत खराब हो गई। कई स्थानों पर डामर उखड़ गया, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए और बारिश के दौरान सड़क पर सफर करना मुश्किल हो गया। हर मानसून में सड़क की हालत बिगड़ने से निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे।

अब गुणवत्ता पर रहेगी नजर

करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से दोबारा बन रही सड़क को लेकर स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों की मांग है कि इस बार निर्माण कार्य की कड़ी गुणवत्ता जांच और नियमित निगरानी हो, ताकि कुछ साल बाद फिर सड़क उखाडऩे की नौबत न आए। लोगों का कहना है कि सरकारी राशि खर्च होने के बाद सड़क ऐसी होनी चाहिए जो कई मानसून झेल सके।

दो राज्यों के हजारों लोगों की लाइफलाइन है यह सड़क

वरदम-पतागुडम मार्ग केवल सड़क नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों के हजारों लोगों की जीवनरेखा है। महाराष्ट्र और तेलंगाना जाने वाले ग्रामीण इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। व्यापार, इलाज, शिक्षा और सामाजिक रिश्तों के लिए भी यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। इंद्रावती नदी पर पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद इस क्षेत्र का संपर्क पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ था।