
बीजापुर-हैदराबाद नेशनल हाईवे बंद (photo Patrika)
Monsoon in Chhattisgarh: बीजापुर जिले में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे अधिक असर भोपालपटनम ब्लॉक में देखने को मिला, जहां उफनते नालों और क्षतिग्रस्त सडक़ों के कारण कई गांवों का जिला एवं ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं बीजापुर-हैदराबाद को जोडऩे वाला नेशनल हाईवे-163 बंद हो गया है, जबकि महाराष्ट्र को जोडऩे वाला नेशनल हाईवे-63 भी भारी बारिश के चलते संकट की स्थिति में पहुंच गया है।
उधर बीजापुर-गंगालूर मार्ग पर चेरपाल नाले के ऊपर से पानी बहने के कारण गंगालूर क्षेत्र के कई गांव जिला मुख्यालय से कट गए हैं। वहीं भोपालपटनम-मट्टीमरका मार्ग पर ङ्क्षचतावागु नदी के पुल के ऊपर पानी आने से वरदल्ली, बारेगुड़ा, ङ्क्षलगापुर, वाड़ाल सहित कई पंचायतों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। मार्ग बंद होने के कारण कई शिक्षक भी अपने-अपने स्कूलों तक नहीं पहुंच सके।
लगातार बारिश से जिले के अधिकांश छोटे-बड़े नाले उफान पर हैं। हर वर्ष बरसात में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन इस बार लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने लोगों से उफनते नालों, पुल-पुलियों और क्षतिग्रस्त डायवर्जनों को पार नहीं करने की अपील की है। साथ ही हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बारिश का असर महाराष्ट्र मार्ग पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भोपालपटनम से आसराल्ली तक नेशनल हाईवे-63 जगह-जगह बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। भारी वाहन जोखिम उठाकर धीरे-धीरे गुजर रहे हैं। यदि लगातार बारिश जारी रही और कोई भारी वाहन बीच सडक़ में फंस गया, तो यह मार्ग भी पूरी तरह बंद हो सकता है।
कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा के अनुसार 1 जून से अब तक जिले में 484.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। सर्वाधिक 599.5 मिमी वर्षा कुटरू में हुई है। इसके अलावा भैरमगढ़ में 598.3 मिमी, बीजापुर में 587.1 मिमी, भोपालपटनम में 434.2 मिमी, गंगालूर में 432.3 मिमी तथा उसूर में 254.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी हालत में उफनते नालों, पुल-पुलियों और क्षतिग्रस्त डायवर्जनों को पार करने का प्रयास न करें। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने पुलिस, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल रवाना करने की तैयारी की गई है।
Updated on:
30 Jul 2026 03:30 pm
Published on:
30 Jul 2026 03:25 pm
