
बिजनौर. कोरोना वायरस से बचाव के लिए जहां प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील कर रहे हैं। वहीं दूर-दराज के जिलों में रोजी-रोटी कमाने गए मजदूर अब पैदल ही अपने घरों का रुख कर रहे हैं तो कुछ लोग इमरजेंसी साधनों का उपयोग करके चोरी-छिपे अपने घर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में बिजनौर के किरतपुर थाना क्षेत्र के भनेड़ा चौकी में पुलिस चेकिंग के दौरान एंबुलेंस में छिपकर जा रहे आधा दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके बाद लोगों ने पुलिस अधिकारियों को अपनी आपबीती बताई तो सभी को सैनिटाइज कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालांकि बाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जांच के बाद इन सभी लोगों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की महामारी के चलते पीएम मोदी ने 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया। इस कारण लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वही इमरजेंसी सेवा में लगे पुलिसकर्मियों व अन्य डॉक्टर की टीमों द्वारा सड़क पर चल रहे संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर ऐसे लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जो कि इस जोखिम भरे समय में भी सफर करने को मजबूर हैं। शनिवार को राजस्थान कोटा में काम करने वाले आधा दर्जन से अधिक मजदूर एंबुलेंस से छिपकर अपने घर के लिए उत्तराखंड जा रहे थे।
इसी बीच किरतपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने भनेड़ा चौकी पर चेकिंग के दौरान शक होने पर एंबुलेंस को रोका तो उसमें सवारियां भरी हुई थीं। इन सवारियों को लेकर भनेड़ा चौकी इंचार्ज रोहित शर्मा ने फोन पर बताया कि पहले सबको सैनिटाइज करवाया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए भेज दिया। जहां जांच के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने सभी लोगों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया है। इसके साथ ही हिदायत दी है कि इस वे लोग इस समय सफर न करें।