बीकानेर

जीवन को मौत के मुंह में डाल रहे झोलाछाप

नोखा. मानव जीवन को खतरे में डाल कर मरीजों का खुले आम इलाज कर रहे झोलाझाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने में चिकित्सा विभाग नाकामयाब हो रहा है। नोखा क्षेत्र में सौ से अधिक झोलाझाप डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के कारण कई लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा।
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Nov 17, 2018
Action on Chaudhary Hospital in Nokha
Action on Chaudhary Hospital in Nokha


नोखा. मानव जीवन को खतरे में डाल कर मरीजों का खुले आम इलाज कर रहे झोलाझाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने में चिकित्सा विभाग नाकामयाब हो रहा है। नोखा क्षेत्र में सौ से अधिक झोलाझाप डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के कारण कई लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं, लेकिन चिकित्सा विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा।

नोखा के शहरी क्षेत्र में ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय है। इनके पास ना तो कोई मेडिकल डिग्री है और न ही कोई अनुभव। बिना किसी डिग्री के यह झोलाछाप चंद रूपयों के लिए मरीजों को मौत के मुंह में पहुंचा रहे हैं। हालात यह है कि चिकित्सा विभाग अपनी नाक के नीचे फल-फूल रहे झोलाछापों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रहा है। जिम्मेदार मूकदर्शक बनकर बैठे हैं।

कोई दसवीं पास, तो कोई नर्सिंग
सूत्रों का कहना है कि नोखा क्षेत्र में करीब १०० से अधिक झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। कई झोलाछाप डॉक्टर तो मात्र दसवीं पास हैं, तो किसी के पास अन्य राज्यों से नर्सिंग व अन्य प्रकार के प्रमाण पत्र हैं। इन्हीं के सहारे ये झोलाछाप चिकित्सक बन उपचार कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी तादाद ज्यादा है।

कार्रवाई से मची खलबली
नोखा के मस्जिद चौक में संचालित चौधरी अस्पताल में शुक्रवार को सीएमएचओ डॉ. बीएल मीणा ने छापा मारकर कार्रवाई की। यहां पर बिना डिग्री ही एक झोलाछाप डॉक्टर निजी अस्पताल संचालित कर रहा था। अस्पताल में इलाज ही नहीं, अवैध जांच करने सहित अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी संचालित कर रहा था। इतना ही नहीं, इलाज के नाम पर उसने अस्पताल में डेंगू रोगियों सहित आधा दर्जन से अधिक मरीज भी भर्ती कर रखे थे। टीम के कार्रवाई करने की भनक लगते ही वह अस्पताल से फरारा हो गया और बाद में बार-बार फोन करने पर भी अस्पताल नहीं आया। सीएमएचओ ने वहां पर भर्ती सभी मरीजों को एम्बूलेंस में बैठाकर बागड़ी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के रिकॉर्ड कब्जे कर कार्रवाई शुरू की। वहीं ड्रग्स इंस्पेक्टर से अस्पताल में दवाईयों व चिकित्सा सुविधाओं की जांच कराई जा रही है। वहीं इस कार्रवाई के बाद झोलाछाप डॉक्टरों में खलबली मच गई और वे अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए।

डेंगू रोगी मासूम को कर रखा भर्ती
चौधरी अस्पताल में कार्रवाई के दौरान एक पांच साल के डेंगू रोगी बच्चे को भी भर्ती किया हुआ था। सीएमएचओ ने बताया कि उसकी किसी तरह की सूचना उनको नहीं दी गई थी। जबकि मासूम की जांच रिपोर्ट में उसकी प्लेटनेट ५० हजार से डाउन जा रही थी और उसकी हालत खराब हो रही थी। वहीं इस अस्पताल में ईलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के पास किसी तरह की कोई डिग्री नहीं है। जबकि यहां पर महिलाओं की डिलीवरी कराने तक की बात सामने आई है। कार्रवाई टीम में आरसीएचएमओ, बीसीएमओ डॉ. श्याम बजाज सहित अन्य शामिल थे।

अस्पताल में सब कुछ मिला फर्जी, करेंगे सीज की कार्रवाई
झोलाछाप डॉक्टरों पर चौधरी अस्पताल में आरएमपी ओपी चौधरी द्वारा ईलाज करने की शिकायत मिली थी। कार्रवाई के दौरान अस्पताल में मरीज भर्ती किए हुए मिले, अवैध तरीके से जांच करने के साक्ष्य मिले हैं। आरएमपी ओपी चौधरी मौका देखकर फरार हो गया। अस्पताल को सीज की कार्रवाई कर रहे हैं। थाने में मामला भी दर्ज कराएंगे। वहीं नोखा क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का सर्वे कराकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बीएल मीणा, सीएमएचओ बीकानेर

Updated on:
17 Nov 2018 04:13 pm
Published on:
17 Nov 2018 04:13 pm