गांवों को जोडऩे वाले सड़क मार्गों के हालात खराब होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ठुकरियासर. गांवों को जोडऩे वाले सड़क मार्गों के हालात खराब होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहीं सड़क पर रेत आने से वह कच्चे मार्ग में तब्दील हो गई है तो किसी का डामर गायब होने से गड्ढे एवं कंकरीट भरे मार्ग पर सफर करना मुश्किल हो गया है। सरदारशहर मार्ग से धीरदेसर पुरोहितान व जालबसर के बीच बने करीब पन्द्रह किलोमीटर के सड़क मार्ग पर जगह-जगह रेत आ गई है।
इस मार्ग पर छोटे वाहन तो दूर की बात है बड़े वाहनों का निकलना भी कठिन हो गया है। इसमें जहां समय अधिक लगता है, वहीं सफर भी परेशानी भरा है। उदरासर से लाधडिय़ा गांव जाने वाली ६ किलोमीटर सड़क जगह-जगह से टूटी हैं और सड़क का डामर गायब हो जाने से कंकरीट भरे मार्ग से सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत व तहसील मुख्यालय के लिए यह एक मात्र सड़क मार्ग है। यह मार्ग लम्बे समय से टूटा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कच्चे रास्तों पर सफर कठिन
सुरनाणा. गांव से कुजटी ग्राम पंचायत को जाने वाले कच्चे रास्ते पर लोगो को सफर करना कठिन हो गया। ग्रामवासी हीराराम भुंवाल ने बताया कि सुरनाणा गांव से कुजटी मुख्यालय का रास्ता कच्चा होने के कारण राहीगीरो व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। इन दोनों गांवों के बीच की दूरी करीब दस किलोमीटर है। कच्चा रास्ता होने से सफर में दुगुना समय लग रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क बनाने की मांग की है। वहीं खिलेरियां से खिंयेरा, उदेशिया से उंचाईडा, दुलमेरा स्टेशन से सुरनाणा व सहजरासर गांव को जाने वाले रास्तों पर डामरीकृत सडक बनाने की मांग लम्बे समय से ग्रामीणों द्वारा की जा रही है लेकिन प्रशासन व राज्य सरकार की अनदेखी का खामियाजा ग्रामीण अंचल के लोगों को भुगतना पड रहा है।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार से इन गांवों को जाने वाले रास्तों पर डामरीकरणकी मांग की है। लूणकरनसर प्रधान गोविन्दराम गोदारा ने बताया कि पंचायत समिति की साधारण सभा में सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को समय समय पर अवगत करवाया जाता है। जल्द ही समस्या समाधान करवाने के प्रयास किए जाएंगे।