
Arjansar Pallu Mega Highway Railway Gate - File PIC
राजस्थान में बीकानेर के महाजन क्षेत्र के गांवों सहित श्रीगंगानगर जिले से राजधानी जयपुर जाने वाले मुसाफिरों की राह में अरजनसर-पल्लू मेगा हाइवे पर बना रेलवे फाटक वर्षों से बड़ी बाधा बना है। रेलवे की धीमी फिजिबिलिटी जांच इस मार्ग की राजधानी कनेक्टिविटी की लाइफ लाइन मानी जाने वाली बीकानेर-भटिंडा रेलमार्ग पर स्थित अरजनसर रेलवे क्रॉसिंग पर भारी रेल यातायात के कारण यहां वाहनों के पहिए बार-बार यम रहे है। हालत यह है कि रेल फाटक कई बार दिन में करीब 8 से 10 घंटे तक बंद रहता है, जिससे हाइवे पर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की कतारें लग जाती है और यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ती है। जाम की स्थिति में एम्बुलेस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी फंस जाते हैं।
वर्ष 2010 में बने इस मेगा हाइवे से महाजन क्षेत्र के गांवों सहित श्रीगंगानगर, सूरतगढ़ और अनूपगढ़ क्षेत्र सीधे पल्लू, सरदारशहर, रतनगढ़ व सीकर होते हुए जयपुर से जुड़ते हैं। यह मार्ग हनुमानगढ़, बीकानेर और दिल्ली की ओर जाने वाले यातायात के लिए भी अहम माना जाता है। वहीं बीकानेर-भटिंडा रेलमार्ग पर बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का संचालन होता है।
अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे की सीधी कनेक्टिविटी अमृतसर-जामनगर भारतमाला एक्सप्रेस-वे से होने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव और बढ़ गया है। जोधपुर टोल नाके के समीप एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के कारण पंजाब, हरियाणा, गुजरात और जम्मू-कश्मीर जाने वाला भारी यातायात इसी मार्ग से गुजर रहा है। यह हाइवे सेना के लिए भी रणनीतिक रूप से अहम है। सेना के भारी वाहनों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होती है।
बीकानेर-भटिंडा रेलमार्ग पर प्रतिदिन करीब 20 पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ करीब 10 मालगाड़ियों का संचालन होता है। रेल यातायात के चलते अरजनसर रेलवे फाटक कई बार दिन में 8 से 10 घंटे तक बंद रहता है। यहीं राजमार्ग-62 से जयपुर तथा अमृतसर-जामनगर भारतमाला एक्सप्रेस-वे की और आने-जाने के लिए प्रतिदिन करीब साढ़े चार से 5 हजार वाहन इसी मार्ग से गुजरते है। ग्रामीण कई बार बीकानेर मंडल रेल प्रशासन से ओवरब्रिज निर्माण की मांग कर चुके है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे रेल, सड़क और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग है। अरजनसर रेलवे फाटक पर रेलवे अंडर ब्रिज सेक्शन है। इसके निर्माण को लेकर रेलवे और सेना की ओर से संयुक्त रूप से फिजिबिलिटी जांच की जा रही है। जांब पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। -- मुकेश यादव, सीनियर डीसीएम, बीकानेर
Published on:
18 May 2026 10:17 am
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