
Fastag Scam Bikaner Car Parked in Rajasthan Garage But Toll Deducted in Punjab
डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ फास्टैग ने हाईवे पर सफर आसान किया है, वहीं अब यह सिस्टम आम जनता के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है। राजस्थान के बीकानेर से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कोई भी गाड़ी मालिक अपनी जेब को लेकर फिक्रमंद हो जाएगा। यहाँ के रहने वाले अल्ताफ अहमद की कार घर पर खड़ी थी, लेकिन सैकड़ों किलोमीटर दूर पंजाब के एक टोल प्लाजा ने उनकी गाड़ी का ऑनलाइन चालान यानी टोल टैक्स काट लिया।
पीड़ित अल्ताफ अहमद ने बताया कि 14 मई की रात को वह अपने घर पर थे और उनकी गाड़ी हमेशा की तरह गैराज में लॉक थी। रात करीब 11:30 बजे जब उन्होंने मैसेज देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
उनके फास्टैग अकाउंट से ₹155 कटने का अलर्ट आया था। मैसेज में साफ लिखा था कि यह टोल पंजाब के मोर्य टोल प्लाजा पर कटा है। अल्ताफ हैरान थे कि जो गाड़ी बीकानेर से हिली तक नहीं, वह आधी रात को पंजाब का टोल कैसे पार कर सकती है।
इस घटना ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और फास्टैग तकनीक की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कठघरे में खड़ा कर दिया है।
पीड़ित वाहन मालिक अल्ताफ का कहना है कि अगर गाड़ी घर पर है, तो टोल प्लाजा के कैमरों ने किस गाड़ी को स्कैन किया? क्या कोई दूसरा शख्स मेरी गाड़ी के नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर घूम रहा है या फिर यह फास्टैग का कोई बड़ा सॉफ्टवेयर ग्लिच है?
इस पूरे मामले पर साइबर और ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे दो मुख्य वजहें हो सकती हैं।
मुमकिन है कि पंजाब या उसके आसपास कोई अपराधी या शातिर ड्राइवर अल्ताफ की गाड़ी के नंबर की हूबहू फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा हो। जब वह गाड़ी मोर्य प्लाजा से गुजरी, तो बूम बैरियर खोलने के लिए कैमरे ने नंबर रीड किया और पैसे बीकानेर के अल्ताफ के खाते से कट गए।
कई बार टोल प्लाजा के सर्वर में खराबी के कारण गलत नंबर फीड हो जाता है, जिससे किसी दूसरी गाड़ी का टोल किसी और के खाते से कट जाता है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब राजस्थान के किसी वाहन मालिक के साथ ऐसा हुआ हो। इससे पहले जयपुर, जोधपुर और अजमेर से भी ऐसी शिकायतें आ चुकी हैं जहाँ बिना यात्रा किए ही लोगों के फास्टैग वॉलेट से पैसे साफ हो गए। आम जनता का कहना है कि टोल सिस्टम में सख्त निगरानी और 'क्रॉस वेरिफिकेशन' (Cross Verification) की भारी कमी है, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
इस घटना ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और फास्टैग जारी करने वाले बैंकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
यदि आपकी गाड़ी भी घर पर है और टोल कट गया है, तो आप इन माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं:
सावधानी: अपने फास्टैग को सीधे बैंक खाते के बजाय एक डिजिटल वॉलेट से लिंक रखें ताकि बैंक खाते की सुरक्षा बनी रहे।
Updated on:
16 May 2026 07:41 am
Published on:
16 May 2026 07:39 am
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