बीकानेर

वैज्ञानिक तरीके से बढ़ेगी किसानों की आय: चौधरी

केन्द्रीय भेड एवं ऊन अनुसंधान संस्थान में कृषक-वैज्ञानिक संगोष्ठी, प्रगतिशील कृषकों को वितरित किए भेंढ़े
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Aug 31, 2019
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बीकानेर. केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान मरूक्षेत्र परिसर में शुक्रवार को कृषक-वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बीकानेर, जयपुर, बाड़मेर,जैसलमेर और टौंकजिलों के करीब 400 प्रगतिशील किसान और पशुपालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि उत्तम खेती और उन्नत पशुपालन के सामंजस्य से ही कृषि प्रधान देश विश्व गुरु बन सकता है।

कृषकों से आह्वान किया कि आय को दुगना करने के लिए नए वैज्ञानिक उपाय करने होंगे। खेजड़ी और बेर सहित खेतों में पौधरोपण से पशुओं भर चारा उपलब्ध कराया जा सकता है। भारी उद्योग राज्मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि बीकानेर ऊन उत्पादक और कताई-बुनाई का प्रमुखकेन्द्र है। एफ.पीओ की संकल्पना के लिए किसानों और पशुपालकों को जागरूक करने की जरूरत है।जम्मू कश्मीर, लेह और लद्दाख में भी ऊन उत्पादों का अच्छा व्यापार है अत: इससे समन्वय की आवश्यकता है।

45 कृषकों को मिले मेढ़े

केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री ने प्रगतिशील पशुपालकों और कृषकों को मारवाड़ी और मगरानस्ल की भेडों के 45 उन्नत मेंढ़े वितरित किए। पशुपालक उपयोगी तीन पुस्तिकाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अन ुसंधान संस्थान अविकानगर के निदेशक डॉ.ए.साहू,केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान मरूक्षेत्र परिसर के प्रमुख डॉ. एच.के. नरूला ने विचार रखे। संगोष्ठी में लूणकरणसर
के विधायक सुमित गोदारा, डॉ. विश्वनाथ, भाजपा शहर अध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य,डॉ. अरूण कुमार तोमर, डॉ. डी.बी. साख्यवार,कृषि और वेटरनरी विश्वविद्यालयों के अधिकारी शामिल हुए।

Published on:
31 Aug 2019 06:41 am