
बीकानेर. कोटगेट थाना क्षेत्र के छींपों के मोहल्ले में रविवार अलसुबह चाय बनाते समय घरेलू रसोई गैस सिलेंडर फट गया। गनीमत रही की बड़ा हादसा नहीं हुआ। मोहल्ले में अचानक हुए जोरदार धमाके से आस-पड़ोस के लोग दौड़कर पहुंचे। घटना की सूचना पर कोटगेट थाने से ड्यूटी ऑफिसर गिरधारी मय पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
एएसआई गिरधारी ने बताया कि छींपों का मोहल्ला निवासी विनोद पुत्र मदन गिरी के घर में रविवार अलसुबह चाय बनाते समय सिलेंडर फट गया। हादसे के समय घर के सदस्य एवं बच्चे अंदर ही थे। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी गोवद्र्धन सिंह छींपा घर के अंदर पहुंचे और विनोद व गोवद्र्धनसिंह ने घर के सदस्यों को बाहर निकाला। इस दरम्यिान विनोद व गोवद्र्धनसिंह आग से झुलस गए, जिन्हें पीबीएम अस्पताल ले गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज कर घर भेज दिया। गैस सिलेंडर फटने से घर के कमरें व रसोई की छत में दरारें आ गई।
पड़ोसी शिवनाथ योगी ने बताया कि विनोद के मुताबिक गैस सिलेंडर शुक्रवार को ही लगाया था। सुबह चाय बनाने के दौरान सबसे पहले चूल्हे में ब्लास्ट हुआ उसके बाद सिलेंडर ने आग पकड़ लिया। घरवालों को बाहर निकाल लिया गया था। विनोद व गोवद्र्धनसिंह आग बुझाने के लिए घर के अंदर घुसे थे तभी सिलेंडर फट गया।
सिलेंडर फटने से लोहे के छर्रें उनके हाथ व चेहरे पर लगे। वहीं आग से घर की एक महिला के बाल झुलस गए थे। बताते हैं कि घर में दीपावली के मद्देनजर काम कराने के लिए शनिवार रात को ही ३० हजार रुपए लाए थे जो रसोई में रखे थे। आग से वह रुपए भी जल गए।
कंपनी के प्रतिनिधि पहुंचे
गैस सिलेंडर की सूचना मिलने पर दोपहर में गैस सिलेंडर की संबंधित कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कंपनी अधिकारियों के समक्ष मोहल्लेवालों ने रोष प्रकट किया।
मोहल्ले में धमाके की तेज आवाज सुनने के बाद भीड़ जमा हो गई। रविवार का अवकाश होने के कारण लोग देरी से उठते हैं लेकिन हादसा होने से जल्दी उठ गए। हादसा के बाद आसपास क्षेत्र के लोग भी आ गए।
यह रखें सावधानी
गैस सिलेंडर लीक न हो, गैस की बदबू आने पर लाइट का स्विच ऑन-ऑफ न करे।
खाना बनाने के बाद वाल्व अच्छी तरह से बंद करे।
सिलेंडर लीक हो तो माचिस वगैरह न जलाएं। किचन व घर की खिड़कियां खोल दे।
सिलेंडर को चूल्हे से हटाकर घर से बाहर खुले स्थान पर ले जाए।
सिलेंडर से चूल्हे में लगने
वाली पाइप समय-समय पर बदलते रहे।
गैस सिलेंडर में आग लगने पर घबराएं नहीं, पानी नहीं डाले। गीला कपड़ा या मिट्टी डाले।