बीकानेर

नाम बदला पर नहीं हुआ सड़क का काम

bikaner news: सीमा क्षेत्र सहित 40 पंचायतों व चार जिलों को जोडऩे वाली सड़क बेहाल
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Oct 21, 2019
Name changed but no road work
Name changed but no road work

बीकानेर. बज्जू. कहने को तो राष्ट्रीय राजमार्ग 11 स्थित सांखला फांटा से बज्जू होने अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने वाली सड़क हाइवे का भाग है और यह सड़क सीमा क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को जोड़ती है लेकिन अब यह सड़क कच्चे रास्ते से भी ज्यादा बदतर हालत में है।

बज्जू व कोलायत क्षेत्र की करीब 40 ग्राम पंचायतों के लिए बनी इस सड़क का नाम तो कई बार बदला गया लेकिन इसकी हालत नहीं सुधरी। अब तो सड़क के हालात यह है कि डामर भी गायब हो चुका था और गहरे गड्ढे बनने से इसका अस्तित्व समाप्त हो रहा है।

क्षेत्रवासियों ने बताया कि सड़क पर कभी कभार पेचवर्क किया जाता है जो इतना घटिया होता है कि मात्र 10-15 दिन में उखड़ जाता है। सांखला फांटा से बज्जू की दूरी 40 किलोमीटर है और यह रास्ता तय करने में वाहनों को एक से डेढ घंटा लग रहा है। इससे वाहनों को जमकर नुकसान हो रहा है।


तीन बार नाम बदला
इस राजमार्ग के अब तक तीन बार नाम बदले जा चुके है लेकिन काम एक बार भी नही हुआ है। पूर्व में सड़क का नाम एमडीआर ३७ था। इसके बाद पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने इस सड़क को स्टेट हाइवे का दर्ज दिया। वहीं लोकसभा चुनाव से पूर्व बीकानेर में एक कार्यक्रम में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व बीकानेर सांसद राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने इस सड़क का नाम राष्ट्रीय राजमार्ग तब्दील कर दिया था। इससे लोगों को उम्मीद जगी थी लेकिन राजमार्ग की घोषणा के करीब एक वर्ष समय में भी काम शुरू नही होने से ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी है।


सड़क ही उखाड़ दी
बज्जू से बीकानेर जाने वाले इस राजमार्ग के बीच गांव बीठनोक में करीब २ से ३ किलोमीटर सड़क को उखाड़ दिया। इसके बाद अब सड़क उखाडऩे के बाद गहरे गड्ढे बन गए है। इससे ग्रामीण व वाहन चालक परेशान है। बज्जू कस्बे के मुख्य बाजार में भी करीब एक किलोमीटर दायरे में सड़क उखड़ा है। इससे राहगीर व दुकानदारों में रोष है।


कच्चे रास्ते पर चलने को मजबूर
बज्जू से सांखला फांटा तक जाने वाले इस राजमार्ग के हालत बदतर होने से लोगों ने पूनियां प्याऊ से बीठनोक के बीच करीब १५ किलोमीटर तक का कच्चा रास्ता बना लिया है। सड़क के बीच गड्ढे होने से चालकों ने बसों को सड़क किनारे कच्चे रास्ते पर चलाना शुरू कर दिया है। बज्जू से मोडायत, गौडू व रणजीतपुरा से बॉर्डर तक सड़क की हालत बदतर है।


स्थानीय लोगों में रोष
बज्जू व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा, कच्ची आढत व्यापार संघ अध्यक्ष भागीरथ ज्याणी व पूर्व अध्यक्ष मांगीलाल भाम्भू ने बताया कि सांखला फांटा से बज्जू होकर बॉर्डर तक जाने वाले इस सड़क के हालात पिछले १० से १५ वर्षो से दयनीय है और मार्ग को नवीन बनाने के लिए केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल व राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी को कई बार ज्ञापन व मौखिक अवगत करवा चुके है लेकिन फिर भी ध्यान नही दिया जा रहा है।

Updated on:
21 Oct 2019 01:26 am
Published on:
21 Oct 2019 01:26 am