बीकानेर

बीकानेर : बचे कपड़े के टुकड़ों से बनाई जेल में बंदियों के लिए नई कुकिंग ड्रेस

bikaner news : बीकानेर केन्द्रीय कारागार की रसोईघर का अब नजारा बदला-बदला-सा नजर आएगा। जेल प्रशासन ने जेल में jailed Prisoners बंदियों के लिए खाना बनाने वाले बंदियों के लिए कुकिंग ड्रेस डिजाइन की है।
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bikaner news : New Cooking Dress for Prisoners
बीकानेर : बचे कपड़े के टुकड़ों से बनाई जेल में बंदियों के लिए नई कुकिंग ड्रेस

बीकानेर. bikaner central jail बीकानेर केन्द्रीय कारागार की रसोईघर का अब नजारा बदला-बदला-सा नजर आएगा। जेल प्रशासन ने जेल में jailed Prisoners बंदियों के लिए खाना बनाने वाले बंदियों के लिए कुकिंग ड्रेस डिजाइन की है। प्रदेश में बीकानेर कारागार प्रशासन ने इसकी पहल की है।जेल में खाना बनाने वाले 40 बंदियों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा के अलावा पीले रंग की एप्रिन बनाई गई है। इसकी जेब का रंग नीला है। ड्रेस की डिजाइन जेल अधीक्षक परमजीतसिंह सिद्धू व दो बंदी मनोज व करतार ने की। सिलाई का काम मनोज व करतार ने किया है।

बचे कपड़े का सदुपयोग
जेलर विजयसिंह ने बताया कि जेल में कपड़ा बनाया जाता है। कपड़ों के बचे टुकड़ों का सदुपयोग करने के उद्देश्य से खाना बनाने वाले बंदियों के लिए ड्रेस बनाने का निर्णय किया गया। ४० बंदियों की ड्रेस तैयार की गई है। सिलाई से लेकर कपड़े तक का खर्च जेल प्रशासन ने वहन किया है। इससे बड़ा फायदा यह होगा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को रसोईघर में काम करने वाले बंदियों का पता रहेगा। इन बंदियों की अलग पहचान होगी।

दो बंदियों को सजा में मिली राहत
सिद्धू ने बताया कि सजायाफ्ता बंदी मनोज व जुगलकिशोर कार्य को बेहतर व जिम्मेदारी से करते हैं और अनुशासन में रहते हैं। इनके अच्छे आचरण को लेकर कारखाना प्रभारी, रसोईघर प्रभारी एवं जेलर ने प्रोत्साहन देने की सिफारिश की थी। इनके प्रस्तावों पर गौर करने के बाद दोनों बंदियों को सजा में दस-दस दिन की छूट दी गई है।

Updated on:
10 Sept 2019 10:34 am
Published on:
10 Sept 2019 10:34 am