बीकानेर

पुष्करणा सावा: गीतों का ऑडियो व वीडियो हुआ जारी

'पुष्करणा सावे में टाबर ने परणाओ सा.., सगोजी होग्या राजी..Ó सरीखे विवाह के गीतों की गूंज जल्द ही शहरी परकोटे में सुनाई देगी।
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bikaner pushkarna sava 2019
पुष्करणा सावा: गीतों का ऑडियो व वीडियो हुआ जारी

बीकानेर . 'पुष्करणा सावे में टाबर ने परणाओ सा.., सगोजी होग्या राजी..Ó सरीखे विवाह के गीतों की गूंज जल्द ही शहरी परकोटे में सुनाई देगी। इसी माह 21 फरवरी को पुष्करणा समाज का सामूहिक विवाह समारोह होगा। इसको लेकर शहर में तैयारियां शुरू हो रही है। जिन घरों में विवाह समारोह होंगे, उनमें रंग-रोगन का कार्य चल रहा है। वहीं अलग-अलग संस्थाएं भी सावे को लेकर कमर कस रही है। गुरुवार को बारह गुवाड़ चौक स्थित रमक-झमक संस्थान के कार्यालय में पुष्करणा सावे से संबंधित गीतों का वीडियो और ऑडियो जारी किए। इसमें मुख्य तौर पर विवाह गीतों की पैरोड़ी संकलित की गई है।
समाज सेवी पंडित जुगल किशोर ओझा ने कहा कि पुष्करणा सावे में पारम्परिक गीतों का अहम स्थान रहता है। विवाह समारोह में गीतों के माध्यम से दिया गया संदेश भी प्रभावी ढंग से पहुंच पाएगा। लक्ष्मीनारायण रंगा ने कहा कि विवाह समारोह में गीत गाना, सुनना समाज की संस्कृति रही है।

डॉ. प्रशांत बिस्सा ने कहा कि आज के युवा लेपटॉप, मोबाइल, यूट्यूब व इंटरनेट से जुड़ा है इसलिए डिजिटल प्लेटफार्म पर गीतों की लॉन्चिंग करने से ज्यादा लोगों तक शीघ्रता से पहुंच सकता है। वक्ताओं ने संस्थान के प्रयासों की सराहना की। संस्थान के राधे कृष्ण ओझा ने बताया कि विवाह के दिन खिरोड़े की रस्म में काम आने वाले बड़-पापड़ का वीडियो जारी किया गया है। इस संस्थान के प्रहलाद ओझा भैरू ने बताया कि वीडियो में स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है। कार्यक्रम में ईश्वर महाराज, लक्ष्मीनारायण रंगा, दुर्गादास छंगाणी, किशन ओझा, राजेश रंगा सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Published on:
01 Feb 2019 12:05 pm