
बीकानेर में साइबर फ्रॉड गैंग के नेटवर्क का पर्दाफाश,Photo-AI एआइ
Bikaner Cyber Fraud: साइबर ठगी के आरोप में पकड़े गए गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह के दो गुर्गों ने पुलिस के समक्ष कई राज खोले हैं। बीकानेर पुलिस उन राज की तस्दीक कर रही है। 12 दिन पहले दोनों आरोपियों के बीच हुए विवाद ने दोनों को हवालात में पहुंचा दिया।
साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज ने बताया कि मंगलवार को आरोपी संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 3 दिन के रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी के रकम और हथियार खरीद-फरोख्त के बारे में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस के अनुसार संदीप और मुकेश के बीच सप्ताहभर पहले बीकानेर की रामपुरा बस्ती में रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। झगड़े में मुकेश पर फायरिंग की गई, जिसमें वह घायल हुआ। इस पर मुक्ताप्रसाद नगर थाना पुलिस में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने दोनों को गिफ्तार किया। जांच में पता चला कि दोनों के बीच 8 जून को 20 लाख रुपयों को लेकर विवाद हुआ था।
पुलिस निरीक्षक रमेश सर्वटा ने बताया कि रामपुरा बस्ती में फायरिंग की घटना होने के बाद दोनों आरोपियों की पड़ताल शुरू की। पड़ताल में पता चला कि दोनों आरोपी साइबर ठगी के धंधे में पिछले सालभर से लिप्त है। आरोपी संदीप ने पिछले साल दिसंबर में चितौड़गढ़ से 60 हजार रुपए में पिस्टल खरीदी, जिसका भुगतान ऑनलाइन फोन-पे से किया। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के मार्फत पुलिस 10 दिन से खोजबीन में जुटी थी। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए दोनों आरोपियों तक पहुंची। संदीप और मुकेश के दोनों के आपस में रुपयों का ऑनलाइन लेन-देन हो रखा है।
पुलिस के अनुसार मुकेश और संदीप पहले दोस्त थे। बाद में इनमें रुपयों व वर्चस्व को लेकर मनमुटाव होने लगा और यह दोनों अलग हो गए। दोनों के बीच में तू-तू, मैं-मैं से शुरू हुआ विवाद मारने-मरने पर उतारु हो गया। अब यह दोनों एक दूसरे के कट्टर दुश्मन है। दोनों के बीच में कई बार झगड़े हो चुके हैं।
साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर अपराधियों तक पहुंचाने के आरोप में रामपुरा बस्ती गली नंबर 18 निवासी संदीप स्वामी एवं मुकेश विश्नोई (28) रामचन्द्र बिश्नोई को गिरफ्तार किया। आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त राशि पहले अपने और गैंग के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद ‘फ्लोक्सि पे नामक एप्लीकेशन के क्लोन टूलकिट के जरिए रकम को क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित कर अपराधियों तक पहुंचाते थे।
आरोपियों के बैंक खातों पर देश के अलग-अलग राज्यों से दर्ज 23 एनसीआरपी शिकायतों में करीब 50 लाख रुपए की साइबर ठगी की राशि जमा हुई। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके बैंक खातों की भी जांच कर रही है। आरोपी साइबर ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टो के जरिए रोहित गोदारा गैंग के सदस्यों तक पहुंचाने का काम करते थे।
Updated on:
24 Jun 2026, 9:20 AM IST
Published on:
24 Jun 2026, 9:20 AM IST
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