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Ashwini Vaishnaw : ‘बदल जाएगा राजस्थान में रेल नेटवर्क का नक्शा’, रेल मंत्री ने बीकानेर में कर डाली कई घोषणाएं

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीकानेर में साबरमती एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। अनूपगढ़, खाजूवाला, जैसलमेर और बाड़मेर के लिए बड़ा डिफेंस व सिविल रेल रोडमैप जारी किया।

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Ashwini Vaishnaw Bikaner Border Rail Roadmap VKI Tour Live Updates 2026

Ashwini Vaishnaw

बीकानेर से साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के मुख्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान केंद्रित रेलवे के भविष्य के बड़े प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा जनता के सामने रखी। रेल मंत्री ने एक नक्शे को दिखाते हुए बताया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के आखिरी गांवों तक रेल लाइन ले जाने के बड़े संकल्प पर काम कर रही है। इस नए रोडमैप के धरातल पर उतरने के बाद राजस्थान के बॉर्डर एरिया की पूरी तस्वीर और आर्थिक भूगोल हमेशा के लिए बदल जाएगा।

मील का पत्थर साबित होगा नया बॉर्डर रेल नेटवर्क

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीकानेर के अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के जिलों में रेल लाइनों का यह विस्तार केवल आम यात्रियों की आवाजाही को सुलभ बनाने का माध्यम नहीं है। इसका एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण सामरिक पहलू भी है जो सीधे तौर पर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता से जुड़ा हुआ है।

रोडमैप के अनुसार, बेहतर रेल नेटवर्क स्थापित होने से सीमावर्ती चौकियों तक भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारी सैन्य साजो-सामान के त्वरित परिवहन को एक अभूतपूर्व और मजबूत आधार मिलेगा। आपातकालीन स्थितियों में देश की रक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ यह नेटवर्क स्थानीय स्तर पर आम जनता के दैनिक सफर, कृषि उत्पादों के परिवहन, क्षेत्रीय व्यापार, लघु उद्योगों और थार रेगिस्तान के पर्यटन को भी एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के इस विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।

अनूपगढ़, खाजूवाला, जैसलमेर और बाड़मेर के लिए मास्टर प्लान

रेल मंत्री द्वारा साझा किए गए नक्शे और विवरण के अनुसार, इस नए सीमावर्ती रेल कॉरिडोर के तहत मुख्य रूप से 4 बड़े सीमावर्ती क्षेत्रों को आपस में और राज्य के मुख्य रेल जंक्शन्स से जोड़ा जाएगा-

अनूपगढ़ और खाजूवाला कनेक्टिविटी: इन दोनों ही महत्वपूर्ण सीमावर्ती उपखंडों को नए रेल ट्रैक्स के जरिए आपस में जोड़ते हुए बीकानेर जंक्शन से सीधे लिंक करने की योजना है।

जैसलमेर और बाड़मेर विस्तार: इन दोनों ही रेगिस्तानी जिलों के सुदूर थार क्षेत्रों में नई रेल पटरियां बिछाई जाएंगी ताकि डिफेंस और सिविलियन दोनों ही मोर्चों पर रेलवे की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

इस विस्तृत घोषणा के बाद से ही पश्चिमी राजस्थान के इन सभी सीमावर्ती जिलों के नागरिकों, किसान संगठनों और व्यापारियों के बीच भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

बीकानेर को चंडीगढ़ से जोड़ने की तैयारी

बीकानेर के रेल विकास को लेकर मंच पर मौजूद केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री और स्थानीय सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने रेल मंत्री के सामने बीकानेर संभाग के यात्रियों की एक बेहद पुरानी और लंबित मांग को रखा। मेघवाल ने मांग की कि बीकानेर और उसके आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग व्यापार और शिक्षा के लिए पंजाब और हरियाणा जाते हैं, इसलिए बीकानेर को सीधे चंडीगढ़ से जोड़ने वाली एक नई रेल सेवा शुरू की जानी चाहिए।

इस मांग पर तुरंत संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंच से ही घोषणा की कि उन्होंने रेलवे बोर्ड के उच्च अधिकारियों को इस संबंध में तकनीकी व्यवहार्यता जांचने और जल्द से जल्द इस रूट पर नई ट्रेन सेवा शुरू करने की कार्ययोजना तैयार करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने साबरमती एक्सप्रेस के संचालन का पूरा श्रेय भी अर्जुन राम मेघवाल के निरंतर प्रयासों को दिया।

'राजस्थान में चल रहे 76,000 करोड़ के रेल कार्य'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के बड़े संकल्प का उल्लेख करते हुए रेल मंत्री ने राजस्थान में रेलवे के बजट और बुनियादी कार्यों को लेकर कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पूरे राजस्थान राज्य के भीतर कुल 76,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न रेल अवसंरचना के कार्य बहुत तेज गति से प्रगति पर हैं।

भविष्य के इन निर्माण कार्यों के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है-

मेड़ता से बीकानेर रेल लाइन: इस पूरे महत्वपूर्ण रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य स्वीकृत किया जा चुका है, जिससे ट्रेनों की रफ्तार और संख्या दोनों में इजाफा होगा।

नाल से पलाना रेल बाईपास: बीकानेर शहर के भीतर यातायात के दबाव और जाम की स्थिति को समाप्त करने के लिए नाल स्टेशन से पलाना के बीच एक नया रेल बाईपास बनाया जाएगा, जिससे मालगाड़ियों को शहर के बाहर से ही निकाला जा सके।

रतनगढ़ से बीकानेर ईस्ट व रेवाड़ी डबलिंग: रतनगढ़ से बीकानेर ईस्ट और बीकानेर से हरियाणा के रेवाड़ी तक के पूरे ट्रैक के दोहरीकरण के कार्य बहुत तेजी से संचालित किए जा रहे हैं।

अश्विनी वैष्णव ने आश्वासन दिया कि जैसे ही ये सभी दोहरीकरण और बाईपास के निर्माण कार्य पूरी तरह से समाप्त होंगे, रेलवे बीकानेर स्टेशन से देश के विभिन्न राज्यों के लिए कम से कम 10 से 12 नई गाड़ियां चालू करने की स्थिति में आ जाएगा।

विपक्ष पर प्रहार: '60 साल में एक भी वंदे भारत ट्रेन दी क्या?'

अपने संबोधन के राजनीतिक खंड में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल पर उठाए जा रहे सवालों का बेहद आक्रामक और सीधा जवाब दिया। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछने के अधिकार का सम्मान करते हुए विपक्ष की पुरानी नीतियों पर तीखे तंज कसे।

रेल मंत्री ने भरे मंच से जनता से संवाद करते हुए कहा, "आज वो हमको पूछते हैं कि भाई 12 साल में आप लोगों ने क्या किया? पूछते हैं, पूछना उनका धर्म है, क्योंकि वे विपक्ष में हैं। लेकिन मैं भी आज उनको पूछना चाहता हूँ कि अपने 60 साल के शासनकाल में आपने एक भी आधुनिक 'वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेन बीकानेर की जनता को दी क्या? दी क्या? दी? नहीं दी। यह ट्रेन किसने दी? यह हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी ने दी है।"

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार 'किसान, युवा, महिला, सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास' के मूल मंत्र पर काम कर रही है और विकास की यह गति अब थमने वाली नहीं है। बीकानेर के इस भव्य कार्यक्रम के समापन के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विशेष निरीक्षण ट्रेन के माध्यम से राज्य की राजधानी जयपुर के लिए रवाना हो गए।