
बीकानेर. गर्मी के तेवर बुधवार को भी बरकरार रहे। दिनभर तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह से ही गर्म हवाओं का दौर शुरू हुआ, जो देर शाम तक जारी रहा। शहर में दिन उगते ही सूरज की किरणें चुभने लग गई। चिलचिलाती धूप के चलते दस बजे के बाद सड़कों पर आवागमन भी कम रहा। शाम पांच बजे के बाद लोग घरों से निकलने शुरू हुए। तेज गर्मी से जनजीवन प्रभावित हो गया। आमतौर पर दस बजे खुलने वाले बाजारों में ग्राहकी शाम के एक-दो घंटे छोड़कर कम ही रही। अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
तेज गर्मी ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी
बीकानेर. महाजन. भादवे का महीना उतरने को है एवं जेठ जैसी गर्मी पड़ रही है। ऐसे में अच्छे जमाने की उम्मीद कर रहे किसानों के सपनों पर पानी फिर गया है। क्षेत्र में बारानी ग्वार व मोठ की फसल भीषण गर्मी के कारण चौपट होने के कगार पर है। वहीं सिंचित क्षेत्र में नरमा व मूंगफली की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि किसानों ने साठ दिन में फसल निकालकर घर ले आने की उम्मीद में महाजन क्षेत्र में इस बार सावणी में करीब ७० प्रतिशत तक मोठ की बुवाई की थी। किसानों ने सावण व आधे भादवे तक जोरदार बरसात होने के कारण बम्पर जमाने के सपने संजोये थे। परन्तु गत १५ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है।
काश्तकार रज्जाक खां, रमजान खां आदि ने बताया कि गर्मी के कारण मोठ की फसल एकदम झुलस चुकी है। वहीं ग्वार की फसल भी सफेद होने लगी है। सिंचित खेतों में भी गर्मी का कहर साफ नजर आ रहा है। क्षेत्र में नरमें की फसल गर्मी के प्रकोप से खराब हो रही है वहीं मूंगफली की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। किसानों ने बताया कि मूंगफली में लट के साथ-साथ गर्मी की मार पड़ रही है। बारानी खेतों में तो दोपहर के समय फसल देखने पर आंसू निकल आते है।