
बीकानेर. मौसम का बदला मिजाज फसलों पर भारी पड़ रहा है। खासकर चने की फसल को अंधड़ से ज्यादा नुकसान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों फसल कटाई हो रही है। पिछले दिनों आए तेज अंधड़ के कारण कटी हुई फसल खेत में ही धूमिल हो गई, वहीं खड़ी फसल तेज हवा से दूर जा गिरी। इससे किसानों में मायूसी छाई हुई है।कृषि जानकारों के अनुसार पिछलों दो दिन में अंधड़ से जिले में चने की लगभग ३५ प्रतिशत फसल खराब हुई है।
एेसे में काश्तकारों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कृषि अधिकारी इंद्रमोहन वर्मा के अनुसार जिले में करीब १८ हजार हैक्टेयर में चने की खेती हो रही है। इसमें मुख्य रूप से डूंगरगढ़ तहसील के रिड़ी, बान्ना, सातलेरा, रामसररा, अभयसिंहपुरा, नोसरिया, मिगरिया, लिखमादेसर सहित कई गांव शामिल हैं। वहां फसल की कटाई चल रही है। कुछ गांवों में अभी पूरी तरह से कटाई नहीं हुई, वहां खड़ी फसल को अंधड़ से नुकसान हुआ है।
भाव चार हजार रुपए क्विंटल
कृषि के जानकारों ने बताया कि एक बीघा में तीन से चार क्विंटल चने का उत्पादन होता है। अभी बाजार में चने का भाव चार हजार रुपए प्रति क्विंटल है।
मुआवजा मिले
श्रीडूंगरगढ़ विधायक गिरधारीलाल महिया ने अंधड़ से हुए नुकसान का किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। महिया ने कहा कि प्रशासनिक अधिकरी खेतों में निरीक्षण करें और नुकसान आकलन करें, ताकि पीडि़त किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। उन्होंने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ तहसील के दर्जनों गांवों मंे चने की फसल को भारी नुकसान हुआ है।