श्रीडूंगरगढ़ विधायक किशनाराम नाई के पुत्र जीवराज की कार दुर्घटना में हुई मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।
बीकानेर/श्रीडूंगरगढ़ . श्रीडूंगरगढ़ विधायक किशनाराम नाई के पुत्र जीवराज की कार दुर्घटना में हुई मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दुर्घटना के बाद जीवराज को घायल अवस्था में छोड़कर फरार होने वाले तीन दोस्तों को श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है। तीनों दोस्त जीवराज की मौत के बाद से फरार थे। पुलिस ने बताया कि आरोपित अगर मौके से नहीं भागते तो जीवराज की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस अधीक्षक सवाई ङ्क्षसह गोदारा ने शनिवार को प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक जीवराज के तीन दोस्त श्रीडूंगरगढ़ के कांती पुगलिया, भंवर सिंह व पोकर तावणिया को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश हुए। गोदारा ने बताया कि दुर्घटना के समय तीनों दोस्त जीवराज की गाड़ी के पीछे आ रहे थे, लेकिन उन्होंने इसको अनदेखा किया।
'राजस्थान पत्रिका' ने उठाया था मुद्दा
विधायक किशनाराम के पुत्र जीवराज की मौत के बाद 'राजस्थान पत्रिकाÓ ने विभिन्न बिन्दुओं पर सवाल उठाते हुए खबर प्रकाशित की थी। इससे पहले पुलिस इसे सामान्य दुर्घटना मान रही थी। इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक गोदारा के निर्देश पर हुए अनुसंधान में दुर्घटना में दोस्तों की अनदेखी का खुलासा हुआ। मृतक के परिजनों ने भी खबर प्रकाशित होने के बाद विभिन्न बिन्दुओं को ध्यान में रखकर जांच करने की मांग की थी। उन्होंने जीवराज के हाथ में पहनी महंगी घड़ी, गाड़ी में रखे दो लाख 10 हजार रुपए तथा व्यक्तिगत डायरी के गायब होने की बात भी कही थी।
पहले हुई थी पार्टी
पुलिस के अनुसार 12 अगस्त को देर रात जीवराज के साथ तीनों दोस्तों ने शराब पार्टी की थी। इसके बाद वे वहां से एक साथ ही निकले, लेकिन आगे चलकर जीवराज की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मृतक के भतीजे आशीष जाड़ीवाल की रिपोर्ट पर दुर्घटना का मामला दर्ज किया था।