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Bikaner: मां बनने की खुशी के बीच मौत का साया, PBM हॉस्पिटल में 6 प्रसूताओं की बिगड़ी तबियत, 1 वेंटिलेटर पर

Bikaner PBM Hospital: बीकानेर पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया है। प्रसूताओं को ICU में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है वहीं एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
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बीकानेर

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Akshita Deora

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Updated: 9 Jun 2026, 2:22 PM IST

PBM Hospital Photo

मॉनिटर करती टीम का फोटो: पत्रिका

Women Kidneys Fail After Cesarean Delivery: बीकानेर संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के जनाना वार्ड में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी खराब होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सभी महिलाओं को आईसीयू में भर्ती कर डायलिसिस पर रखा गया है जबकि फलोदी निवासी 20 साल की प्रीति की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका उपचार वेंटिलेटर पर जारी है।

जानकारी के अनुसार 10 से 15 दिन पहले हुई सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद महिलाओं में यूरिन रुकना, प्लेटलेट्स गिरना और किडनी फेल होने जैसे गंभीर लक्षण सामने आए। सभी महिलाओं की उम्र 20 से 27 साल के बीच बताई जा रही है। मामले के बाद अस्पताल प्रशासन और मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है।

वार्ड में संक्रमण की आशंका

मामले में जनाना वार्ड में संक्रमण की आशंका भी जताई जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर से माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञों की टीम बीकानेर पहुंच रही है, जो जनाना विंग और ऑपरेशन थिएटर सहित विभिन्न स्थानों से सैंपल लेकर जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार अस्पताल प्रशासन पर शुरुआती दिनों में मामले को दबाने और लीपापोती करने के आरोप भी लग रहे हैं। हालांकि एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की कमेटी गठित कर दी है।

ये बोली अस्पताल अधीक्षक डॉ. घीया

अस्पताल अधीक्षक डॉ. घीया ने कहा कि जनाना अस्पताल का निरीक्षण सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि एक्यूट किडनी इंजरी के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें संक्रमण भी शामिल है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए अस्पताल में अत्याधुनिक इन्फेक्शन डिटेक्टर मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है, जो महज 90 सेकंड में संक्रमण की पहचान कर सकेगी। अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं कि आखिर प्रसूताओं की किडनी खराब होने के पीछे संक्रमण है या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण।

कोटा में भी सामने आया था ऐसा मामला

कुछ दिन पहले कोटा के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की हालत अचानक बिगड़ गई थी। डिलीवरी के बाद कुछ ही दिनों में महिलाओं को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं होने लगीं- जैसे किडनी फेल होना, पेशाब रुकना और शरीर में संक्रमण फैलना। जिसमें कुल 5 महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों में गर्भवती और प्रसूता दोनों शामिल थीं।