
आचार्य तुलसी कैंसर अनुसंधान केन्द्र आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित संभागी।
आचार्य तुलसी कैंसर अनुसंधान केन्द्र में टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय आरटी-पीसीआर व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में देशभर से आए चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने कैंसर की आणविक जांच, प्रयोगशाला कार्यप्रणाली और गुणवत्ता नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन अवसर पर विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर की सटीक आणविक जांच और आधुनिक उपचार के लिए अब केंद्र को अगली पीढ़ी की जीन अनुक्रमण (एनजीएस) मशीन से सुसज्जित किया जाना समय की जरूरत है। एनजीएस सुविधा उपलब्ध होने से कैंसर से जुड़े जीन परिवर्तनों की अधिक सटीक पहचान की जा सकेगी और मरीज की जरूरत के अनुरूप उपचार तय करने में मदद मिलेगी। इससे उच्च स्तरीय कैंसर अनुसंधान को भी नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों ने कहा कि एनजीएस सुविधा शुरू होने से राजस्थान और आसपास के राज्यों के मरीजों को उन्नत कैंसर जांच के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें बीकानेर में ही आधुनिक आणविक जांच की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
बीकानेर को राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनाने का लक्ष्य
वक्ताओं ने कहा कि डायमंड्स केंद्र का उद्देश्य बीकानेर को कैंसर की आणविक जांच, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करना है। आधुनिक तकनीक और भविष्य में एनजीएस जैसी उन्नत सुविधाओं के समावेश से केंद्र देश के अग्रणी कैंसर अनुसंधान संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र की निदेशक डॉ. नीति शर्मा, चिकित्सा कैंसर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार बेनीवाल और प्रधान अनुसंधानकर्ता डॉ. सुनीता कुल्हरि के नेतृत्व में यहां आधुनिक आणविक जांच और अनुसंधान कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
Updated on:
25 Jul 2026 08:34 pm
Published on:
25 Jul 2026 08:34 pm
