बीकानेर

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट, लोग परेशान

पांचू. गर्मी का मौसम आते ही गांव में पेयजल संकट गहराने लगा है। इसका मुख्य कारण 25 हजार से अधिक की आबादी वाले गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए एक ही पेयजल टंकी है। ज्यादा आबादी को इस टंकी से पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति नहीं हो पाती है। साथ ही कस्बे में पानी की पाइपलाइन बहुत पुरानी और जगह-जगह लीकेज होने के कारण भी घरों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता है।
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Drinking water crisis in rural areas, people get annoyed
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट, लोग परेशान

पांचू.

गर्मी का मौसम आते ही गांव में पेयजल संकट गहराने लगा है। इसका मुख्य कारण 25 हजार से अधिक की आबादी वाले गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए एक ही पेयजल टंकी है। ज्यादा आबादी को इस टंकी से पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति नहीं हो पाती है। साथ ही कस्बे में पानी की पाइपलाइन बहुत पुरानी और जगह-जगह लीकेज होने के कारण भी घरों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता है। ढाणियों में रहने वाले अधिकतर लोगों के लिए पीने के पानी की आपूर्ति निजी टैंकरों द्वारा होती है लेकिन पिछले करीब एक पखवाड़े से निजी टेंकरो में पानी भरने के लिए विभाग द्वारा जो हाइड्रेंट लगाया था वह खराब है जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

आधा दर्जन गांवों व ढाणियों में पेयजल संकट

श्रीकोलायत. श्रीकोलायत उपखंड के बीठनोक सहित आधा दर्जन गांवों व ढाणियों में पेयजल संकट से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्वाधिक दयनीय स्थिति पशुधन की हो रही है। लोग महंगे दामों पर पानी परिवहन करने को विवश है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से पेयजल की सूचारू आपूर्ति करवाने की मांग की है। उपसरपंच दुर्गाप्रसाद पुरोहित ने बताया कि करणपुरा, बुध महाराज की ढाणी, राडो की ढाणी, सांखला की ढाणी, मेघवालों की ढाणी, लाखासर, सिंदुका, राणासर, पाबूसर आदि गांवों में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है।कर गाड़ी के शीशे तोड़े, मामला दर्ज

Published on:
01 Apr 2019 01:15 pm