
बीकानेर. बाजार में दीपावली की रौनक दिखनी शुरू हो गई है। घरों-प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और सजावट का काम जोरों पर चल रहा है। एेसे में सजावटी सामान की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है। साथ ही शहर में दीपोत्सव पर रोशनी का बाजार भी सज चुका है। परम्परागत दीपकों की जगह अब फैंसी और सजावटी दीपकों ने ले ली है। चाक पर बनने वाले दीपक की जगह मशीनी दीये लोगों को ज्यादा लुभा रहे हैं।
इस बार बाजार में सजावटी मशीनी दीपक सबसे ज्यादा राजकोट (गुजरात) से यहां बिकने आए हुए हैं। वहीं दीपक के साथ उन्हें रखने के लिए मिट्टी से बनी थाली, लालटेन आदि भी रोशनी के पर्व की चमक निखारने के लिए उपलब्ध है।जूनागढ़ के सामने तीन गेट के पास मिट्टी से बने दीपक और सजावटी सामान की भरमार है। यहां अलग-अलग डिजाइन की मिट्टी से बनी वस्तुएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जैसे-जैसे दीपावली नजदीक आ रही है, ग्राहकी भी बढ़ रही है।
विशेष मिट्टी से होते हैं तैयार
बाजार में दीपक बेच रहे राकेश ने बताया कि आठ साल से दीपावली के नजदीक सड़क किनारे मिट्टी से बने फैन्सी आइटम की दुकान लगा रहे हैं। पहले साधारण दीपक बेचते थे। धीरे-धीरे मशीनी और आकर्षक दीपक ज्यादा बिकने लगे। एेसे में साधारण की जगह मिट्टी के आकर्षक दीपक और सामान मंगवाने लगे है। यह विशेष मिट्टी टेरिकोटा से बनाया जाता है।
समय के साथ बदली पसंद
कई वर्षों से जोधपुर से बीकानेर आकर मिट्टी के सामान बेचने वाले तिलाराम ने बताया कि इस बार गोवा में बनी थाली, नागपुर के लालटेन, बंगाल के रंगीन दीपक व लेम्प तथा राजकोट के दीपक खरीदारों को लुभा रहे हैं। मिट्टी से बने इन खास फैन्सी आइटम में दीपक, झूमर, पूजा की थाली, कलश, फ्लावर पोट, भगवान गणेश, लालटेन सहित घर की सजावट का सामान खास है।