
बीकानेर. नए सत्र में स्कूलों में ७१ दिनों का अवकाश होगा तथा स्कूल समय ६ घंटे पांच मिनट का रहेगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने मंगलवार को शिविरा पंचांग जारी किया। यह राजस्थान की प्रारंभिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के समस्त राजकीय, मान्यता प्राप्त गैर सरकारी, सीबीएसई/ सीआईएससीई से संबद्ध विद्यालयों व अनाथ बच्चों के लिए संचालित आवासीय विद्यालयों, विशेष प्रशिक्षण शिविरों एवं शिक्षण प्रशिक्षण विद्यालयों में लागू होगा। पंचांग के अनुसार प्रवेश की अंतिम तिथि १५ जुलाई रहेगी। मध्यावधि अवकाश २९ अक्टूबर से ९ नवंबर तक व शीतकालीन अवकाश २५ दिसंबर से ७ जनवरी तक होगा।
ग्रीष्मकालीन अवकाश 10 मई से
ग्रीष्मकालीन अवकाश १० मई से १८ जून तक रहेगा। १५ अगस्त व २६ जनवरी को पूर्ण अवकाश होते हुए भी उत्सव मनाया जाना अनिवार्य है। शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों की उपस्थिति आवश्यक है। प्रत्येक संस्था प्रधान इस पंचांग में निर्दिष्ट अवकाशों के अतिरिक्त सत्र में दो दिन का अवकाश घोषित कर सकेंगे।
इनमें से एक मध्यावधि अवकाश से पहले व दूसरा मध्यावधि अवकाश के बाद किया जाएगा। प्रतिदिन आठ कालांश में से कालांशवार समय विभाजन चक्र में ६ कालांश ४० मिनट एवं अंतिम २ कालांश ३५ मिनट के होंगे। प्रार्थना सभा एवं योगाभ्यास के लिए ३० मिनट, मध्यान्तर अवकाश २५ मिनट का होगा। विद्यार्थियों के शिक्षण के लिए शाला समय ६ घंटे पांच मिनट होगा।
यह रहेगा समय
ग्रीष्मकाल में विद्यालय का संचालन एक अप्रेल से ३० सितंबर होगा, वहीं शीतकाल में एक अक्टूबर से ३१ मार्च होगा। ग्रीष्मकाल में विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों का समय सुबह ८.०५ से २.१० बजे होगा। वहीं शीतकाल में विद्यालयों का समय ९.३५ से ३.४० तक होगा। जुलाई में २६ दिन कार्यदिवस, तीन उत्सव। अगस्त में दो उत्सव, एक अवकाश, २६ कार्यदिवस। सितंबर में २२ कार्यदिवस, ३ अवकाश, ५ उत्सव। अक्टूबर में २१ कार्यदिवस, ३ उत्सव, ६ अवकाश।
नवंबर में १६ कार्यदिवस, अवकाश १०, उत्सव ५। दिसंबर में २० कार्यदिवस, ६ अवकाश, दो उत्सव। जनवरी में २१ कार्यदिवस ६ अवकाश, ५ उत्सव। फरवरी में २४ कार्यदिवस, ३ उत्सव। मार्च में २३ कार्यदिवस, ३ अवकाश व ३ उत्सव। अप्रेल में २४ कार्यदिवस, २ अवकाश, ३ उत्सव। मई में ८ कार्यदिवस, १९ अवकाश, एक उत्सव। जून में १० कार्यदिवस, १५ अवकाश, ३ उत्सव।
माह का शनिवार होगा खास
माह के अंतिम दिन शनिवार को समस्त राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ओर से एक कालांश में स्वैच्छिक श्रमदान किया जाएगा। पहले शनिवार को किसी महापुरूष के जीवन पर प्रेरक प्रसंग जानकारी, द्वितीय शनिवार को शिक्षाप्रद प्रेरक कहानियों का वाचन व संस्कार सभा, तृतीय शनिवार को स्थानीय संत-महात्मा का उद्बोधन, चतुर्थ शनिवार को महाकाव्यों पर प्रश्नोतरी कार्यक्रम, पंचम शनिवार को प्रेरक नाट्य का मंचन व विद्यार्थियों की ओर से राष्ट्रभक्ति गीत गायन का आयोजन होगा।