बीकानेर

शहर में बदले जाएंगे चार हजार चकरी वाले मीटर

शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं के चकरी वाले पुराने बिजली मीटर बदले जाएंगे। इसके लिए बिजली कंपनी कार्य योजना बना रही है।
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बीकानेर. शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं के चकरी वाले पुराने बिजली मीटर बदले जाएंगे। इसके लिए बिजली कंपनी कार्य योजना बना रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह भी है कि घरों के अंदर लगे मीटर बाहर लगाए जाएंगे। शहर में अब तक करीब चार हजार इलेक्ट्रोनिक मीटर लगाए जा चुके हैं। इतने ही चकरी वाले मीटर अभी घरों में लगे हैं। उन्हें बदला जाएगा।

जो मीटर खराब हैं, रीडिंग नहीं दिखा रहें हैं, उन्हें भी बदला जा रहा है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं की सर्विस लाइनें पुरानी हो गई हैं, उनको भी बदला जा रहा है। शहरी क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले डेढ़ माह में बिजली कंपनी ने सतर्कता जांच (विजिलेंस) की 380 कार्रवाई की है। इसमें बिजली चोरी करने वालों से जुर्माना भी वूसला गया और कनेक्शन भी काटे गए।

कार्रवाई भी जारी
बिजली कंपनी के सीईईओ डी. चटर्जी ने बताया कि रीडिंग नहीं दिखाने वाले मीटर बदले जा रहे हैं। आने वाले दिनों में चकरी वाले मीटरों के स्थान पर इलेक्ट्रोनिक मीटर लगाने की योजना है। सर्विस लाइन भी बदली जा रही है। बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

'सरकार घोषणा-पत्र के वादों को पूरा करेÓ

बीकानेर. राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने शुक्रवार को जिला कलक्टर कार्यालय के आगे प्रदर्शन कर शिक्षकों की विभिन्न
मांगंे रखी। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि आचार्य एवं प्रदेश संयुक्त मंत्री सुरेश व्यास के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सैटअप परिवर्तन विकल्प के आधार पर करने, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषयवार के स्थान पर पूर्ववर्ती व्यवस्था अनुरूप शिक्षक लगाए जाने, स्टाफिंग पैटर्न के मानदण्डों पर पुन: विचार कर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के मानदण्डानुसार पदों का निर्धारण किए जाने, स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा करवाने, कक्षा आधार पर पदों का आंवटन करवाने आदि की मांगें रखी।

जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार सुराज घोषणा-पत्र में शिक्षकों से संबंधित वादों की क्रियान्विति कर शिक्षकों के आक्रोश को कम करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान संघर्ष से ही संभव है। जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश बिश्नोई ने कहा कि सरकार शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। इस दौरान जिला मंत्री कैलाशदान, चन्द्रशेखर हर्ष, महिला मंत्री चन्द्रकला आचार्य, सुरेश व्यास, नरेन्द्र आचार्य, दयाशंकर शर्मा, गोवर्धन बिश्नोई, हरिकिशन दैया, सीताराम मेघवाल आदि ने शिक्षकों की समस्याओं और लम्बित मांगों के निस्तारण की मांग की।

Published on:
11 Aug 2018 08:54 am