उज्जैन

और उड़ गई रात की नींद…

बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलैक्टिकल डिपार्टमेंट में बतौर इलेक्ट्रिशियन काम करने वाले अजय की नौकरी भी बुधवार को छूट गई।
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Sep 01, 2016
ajay
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आज घर के सभी सदस्यों की नींद उड़ी हुई है, घर के बाहर बैठा अजय शर्मा और उसके बूढ़े मां-बाप की चिंता भी कुछ एेसी ही थी। इलैक्टिकल डिपार्टमेंट में बतौर इलेक्ट्रिशियन के काम करने वाले अजय की नौकरी भी बुधवार को छूट गई।

अजय ने बताया कि वह पिछले आठ साल से इंजीनियरिंग कॉलेज में काम कर रहा था, लेकिन बुधवार को एक आदेश ने उसकी जिन्दगीभर के सपनों पर पानी फेर दिया।

बूढ़े माता-पिता की सेवा और बहन की शादी करने का सपना देखा था, लेकिन अब शायद वह संभव नहीं हो पाएगा। अजय शर्मा ने कहा कि अब वह बेरोजगार हो चुका है।

उसने बताया कि नौकरी से निकाले गए अधिकतर परिवार मध्यम श्रेणी के हैं। कॉलेज प्रशासन की कु-प्रबंधन नीति के शिकार हुए 150 परिवारों की आर्थिक स्थिति को देख लेते तो शायद एेसी नौबत नहीं आती।

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अजय की मां कला देवी ने नम आंखों से कहा कि किराए के मकान में रहते हैं, बेटे की नौकरी से मिलने वाली तनख्वाह से घर चलता था, लेकिन अब कोई दूसरा जुगाड़ देखना होगा।

पिता ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि नौकरी से उनके लड़के को निकाला है, लेकिन उसकी चिंता पूरे परिवार को झेलनी पड़ रही है। असल में घर का गुजारा इसकी नौकरी से ही चलता था।

उधारी से चलता था काम

अजय कुमार शर्मा के परिवार में आने वाला राशन भी उधारी से आता था। उसके परिजनों ने बताया कि 13 सौ रुपए मकान किराया और बिजली पानी का अलग से खर्च देना भी मुश्किल से हो रहा था कि अब नौकरी छूटने की चिंता सताने लगी है। आज की रात नींद कैसे आएगी, यह तो ऊपर वाले को ही पता है।