
बीकानेर/बज्जू . वन विभाग ने बुधवार को इंदिरा गांधी नहर की आरडी ९१० में सरकारी कृषि भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जमीन की कीमत दो से तीन करोड़ रुपए आंकी गई है। वन विभाग ने जमीन को अपने कब्जे में लेकर सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगा दिया है।
बज्जू से करीब दस किलोमीटर दूर आरडी ९१० पर माणकासर सड़क मार्ग पर पंवावरवाला गांव के बाहर अलग-अलग हिस्सों में चार लोगों ने ५२ बीघा से अधिक सरकारी कृषि भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ था।
क्षेत्रीय वन अधिकारी मखनलाल शर्मा ने बताया कि संभागीय मुख्य वन संरक्षक भैराराम भादू के निर्देश और न्यायालय सहायक वन संरक्षक बीकमपुर के चार मई को जारी निर्णय की पालना में यह कार्रवाई की गई। अतिक्रमियों को जमीन से बेदखल किया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक वन संरक्षक वीरभद्र मिश्रा, गौड़ू रेंजर परवेन्द्रसिंह राजावत, रेंजर आरडी ७५० रघुवीरसिंह राठौड़, आरडी ८० फोरेस्टर दीपेन्द्र एवं बाबूलाल, तीनों रेंजों के अधिकारी व कर्मचारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
ऐसे हुआ खुलासा
फोरेस्टर मदन तेतरवाल ने बताया कि नहर केे किनारे वर्ष २०१३ में वन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया। इस पर वर्ष २०१३ में प्रकरण दर्ज किया गया। जांच एवं कागजातों की पड़ताल में पाया गया कि जमीन वन विभाग की है। तब न्यायालय ने इस जमीन को वन विभाग के कब्जे में लेने के आदेश जारी किए।
इनका था कब्जा
बज्जू राजस्व तहसील क्षेत्र के आरडी ९१० के पास चक ४ पीडब्ल्यूएम में मुरब्बा नम्बर १/५, १/६, १/७, १/१३, १/२१ में करीब ५२ बीघा भूमि पर अतिक्रमी वर्षों से जमे थे। उन्होंने तारबंदी व पत्थरगढ़ी कर कब्जा किया हुआ था और वर्षों से खेती कर रहे थे। क्षेत्रीय वन अधिकारी शर्मा ने बताया कि पंवारवाला निवासी भूरसिंह पुत्र कालूसिंह राजपूत ने ३७ बीघा, भंवरसिंह पुत्र मूलसिंह राजपूत ने १४ बीघा,
जेठूसिंह पुत्र खानूसिंह
राजपूत ने एक बीघा व माणकासर निवासी सुरेन्द्र पुत्र मोहनराम सिगड़़ ने आधा बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ था। इस पर एलआरए एक्ट धारा ९१ के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कार्रवाई करेंगे
वन विभाग की करोड़ों की जमीन पर वर्षों से कब्जा था, जिसे मुक्त करा लिया गया है। अतिक्रमियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वीरभद्र मिश्रा, सहायक वन संरक्षक, न्यायालय बीकमपुर