बीकानेर

परिणय सूत्र में बंधे 26 जोड़े

'गीतों पर थिरकते बाराती। घोड़ी पर बैठे सजे-संवरे दूल्हे। फिजाओं में डीजे की धुनों का संगीत।Ó कुछ इस तरह का नजारा रविवार को जस्सूसर गेट बाहर स्थित एमएम ग्राउण्ड का था। अवसर था वाल्मीकि समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में हुए सामूहिक विवाह समारोह का। समारोह में २६ जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
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Feb 11, 2019
gorup marrig
परिणय सूत्र में बंधे 26 जोड़े

बीकानेर. 'गीतों पर थिरकते बाराती। घोड़ी पर बैठे सजे-संवरे दूल्हे। फिजाओं में डीजे की धुनों का संगीत।Ó कुछ इस तरह का नजारा रविवार को जस्सूसर गेट बाहर स्थित एमएम ग्राउण्ड का था। अवसर था वाल्मीकि समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में हुए सामूहिक विवाह समारोह का। समारोह में २६ जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
समारोह में सुबह से ही बारातों का आना शुरू हो गया। महामंत्री बब्लेश चावरियां ने बताया कि समारोह में बीकानेर शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बरातें पहुंची। अध्यक्ष विरेन्द्र जेदिया ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह समय की प्रासंगिकता है। आयोजन को लेकर किशनलाल सारस्वत, राजेन्द्र पंडित, विश्वनाथ बारासा, पुखराज, सांवरलाल, श्रवण, हेमराज सहित समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने भागीदारी निभाई।

सूडसर.कस्बे के मनसापूर्ण हनुमानजी मंदिर में चल रही पांच दिवसीय हनुमानजी की कथा रविवार को संपन्न हुई। समापन पर हवन हुआ। इसमें लोगों ने आहुतियां देकर क्षेत्र में सुख-समृद्धि का कामना की। इस अवसर पर शोभायात्रा कथास्थल से बालाजी मंदिर तक पहुंची। कथावाचक ने हनुमानजी निष्कपट सेवा प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि हनुमान जी शिरोमणि भक्त है।

Published on:
11 Feb 2019 12:21 pm