
बीकानेर . पंजाब से आए प्रदूषित पानी के कारण नहर रोकने के बाद भी बीकानेर में पेयजल कटौती नहीं होगी। जलदाय विभाग का दावा है कि बीकानेर में शोभासर व बीछवाल क्षेत्र में बने जलाशयों में 12 दिन का पेयजल भंडारण है। इस कारण शहर में जलापूर्ति पर कोई असर नहीं होगा। नहर में दूषित पानी आने से जलदाय विभाग ने नहर का पानी लेना बंद कर दिया है। शोभासर व बीछवाल स्थित जलाशयों में वर्तमान में 1500-1500 मिलियन लीटर पानी का भंडारण है। यह पानी आने वाले 12 दिनों तक शहर की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त बताया जा रहा है। रोजाना 130 एमएलडी पानी शहर की जलापूर्ति के लिए खर्च होता है।
अभी नहीं लेंगे पानी
जलदाय विभाग के अनुसार शोभासर स्थित जलाशय में छह दिन तक नहर का पानी नहीं लेंगे। इसी तरह बीछवाल स्थित जलाशय में तीन दिनों तक नहर का पानी नहीं लिया जाएगा। इसके बाद स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जल्द सुधरेगी स्थिति
नहरी पानी लेना बंद किया हुआ है। शहर की प्यास बुझाने के लिए पानी का भंडारण पर्याप्त है। किसी तरह की किल्लत नहीं होगी। वहीं तीन-चार दिन में स्थिति में सुधार हो जाएगा। दूषित पानी चला जाएगा। शुद्ध पानी की आवक होने पर ही उसे काम में लिया जाएगा।
बी. कृष्णनन,
अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जलदाय विभाग बीकानेर
प्रदूषित पानी से लोगों को मिले निजात,प्रदर्शन कर जताया रोष
बीकानेर. जनकिसान पंचायत संस्थान के तत्वावधान में बुधवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय के आगे प्रदर्शन किया गया। इसमें गंगानगर, हनुमानगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग भी शामिल हुए। संरक्षक जय नारायण व्यास के नेतृत्व में प्रदर्शन आए लोगों ने स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने, दोषियों के खिलाफ मामले दर्ज कर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में अरुण शर्मा, बीरबल वर्मा, ललित मोहन, सरदार लखासिंह, ज्ञानी पूर्ण सिंह, सुखदेव सिंह, सुनील पंडित, हनुमान पुरोहित आदि शािमल हुए।
प्रेशर से नहीं आता पानी
रानीसर मोहल्ला क्षेत्र में पानी का प्रेशर नहीं होने से लोगों के घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। रानीसर मोहल्ला विकास समिति ने रोष जताया है। समिति के संयोजक कालूराम ने बताया कि जलदाय विभाग के कार्यालय में पूर्व में कई बार इसकी शिकायत की लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हुआ। मंगलवार रात को फिर शिकायत करने पर एक टीम मौके पर पहंची, पे्रशर की जांच की तो समस्या सही मिली। इस संदर्भ में बुधवार को हुई समिति की बैठक में योगेन्द्र भाटी, रघुवीर ङ्क्षसह, नत्थूराम, दिनेश भाटी, प्रशांत भाटी आदि शामिल हुए।