
बीकानेर . इंदिरा गांधी नहर (फीडर) की मरम्मत (री-लाइनिंग) का काम मार्च में शुरू होगा। इस दौरान पंजाब व राजस्थान के क्षेत्र में आने वाली नहर को एक माह के लिए बंद किया जाएगा। नहर विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर नहरबंदी के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिए हैं। इसके अनुसार इस बार 25 मार्च से 25 अप्रेल तक ३० दिन नहरबंदी रहेगी। इस दौरान नहर से पानी नहीं मिल पाएगा। विभाग नहर की मरम्मत कार्य की प्रक्रिया में जुट गया है। इसमें पंजाब के हिस्से में करीब १० किमी तक क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के हिस्से की मरम्मत होगी।
जलसंधान (उत्तर) मुख्य अभियंता कृष्णलाल जाखड ने बताया कि राजस्थान के हिस्से में २५ किमी क्षेत्र में नहर की री-लाइनिंग, किनारों की मरम्मत व अन्य काम कराए जाएंगे। पंजाब व राजस्थान में नहर की मरम्मत पर करीब १३० करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसमें 50 करोड़ के काम पंजाब क्षेत्र के नहरी हिस्से में होंगे और 80 करोड़ के काम राजस्थान के हिस्से की नहर का होगा।
समय उपयुक्त : हर माह मार्च-अप्रेल में ही नहरबंदी होती है। नहर विभाग के अनुसार राजस्थान में यही समय उपयुक्त होता है। इस समय फसल की कटाई हो जाती है और बुआई के लिए काफी समय का अन्तराल रहता है। नहरबंदी की एक माह की अवधि में पीने का पानी भी नहीं मिलेगा।
पानी का भंडारण: बीकानेर, जोधपुर क्षेत्र में मुख्य नहर से सीधे जुड़ी पेयजल परियोजनाओं के लिए नहर में ही पानी भंडारण की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए 25 मार्च से पहले ही डिग्गियों को भरवा दिया जाएगा।
सरकार को भेजे प्रस्ताव
नहर की मरम्मत का कार्य होगा। 25 मार्च से 25 अप्रेल तक नहर को बंद रखा जाएगा। इसके प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिए हैं। मुख्य नहर से सीधे जुड़ी परियोजनाओं के लिए पानी का भंडारण नहर में ही किया जाएगा।
विनोद मित्तल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, रेगुलेशन