
बीकानेर. केन्द्र सरकार की केबिनेट ने राजस्थान की नहरों को पानी देने वाले फीडर के नवीनीकरण के लिए करीब २ हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को स्वीकृति कर कार्य कोरियाई कम्पनी को सौंपा है। राजस्थान फीडर और सरहिन्द फीडर के नवीनीकरण के इस कार्य के पूरा होने पर करीब ५६० क्यूसेक अतिरिक्त पानी राजस्थान की गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर परियोजना को मिलेगा। जिससे प्रदेश के सात जिलों में करीब एक लाख हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विधानसभा चुनाव से पहले यह बड़ा फैसला पश्चिम राजस्थान में किसानों के पूरा सिंचाई पानी देने की मांग को लेकर चल रहे आंदोनल पर भी असर डालेगा।
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक में हुए निर्णय के अनुसार हरीके बैराज से निकलने वाली सरहिन्द फीडर की रीलाइनिंग पर ६७१.४७१ करोड़ और राजस्थान फीडर की री लाइनिंग पर १३०५.२६७ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें से ८२६.१६८ करोड़ रुपए केन्द्र सरकार देगी, शेष राशि राजस्थान और पंजाब राज्य पानी के शेयर अनुपात में देंगे। यह कार्य तीन वर्किंग सीजन यानि मार्च-अप्रेल में नहरबंदी के दौरान किया जाएगा। यह कार्य पूर्ण होने पर सरहिन्द फीडर और राजस्थान फीडर तथा नहरों से सीपेज से पैदा सेम समस्या का भी समाधान होगा।
साठ साल पहले बने थे नहर के चैनल
राजस्थान और पंजाब के सिंचित क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष १९६० में पंजाब के फिरोजपुरा क्षेत्र में हरिके बांध से दो नहर के चैनल सरहिन्द फीडर और राजस्थान फीडर तैयार किए गए थे। इनमें राजस्थान फीडर इंदिरा गांधी नहर प्रोजेक्ट के लिए बना है। जिससे राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर सहित सात जिलों को पीने और सिंचाई पानी तथा सूरतगढ़ और रामगढ़ थर्मल पावर प्रोजेक्ट को पानी दिया जा रहा है। फीडर बनने के बाद क्षतिग्रस्त होता गया। इससे पानी सीपेज और पंजाब के कुछ हिस्से में सेम की समस्या भी पैदा हो गई।
मैंने १५वीं लोकसभा में भी सांसद के रूप में इस मामले को लगातार उठाया। अब केबिनेट के सरहिन्द और राजस्थान फीडर की रीलाइनिंग के निर्णय से २५६ क्यूसेक पानी अतिरिक्त उपलब्ध होगा। जो गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर को मिलेगा। इस पानी से करीब एक लाख हेक्टेयर अनकमांड क्षेत्र को सिंचित किया जा सकेगा। भविष्य में पाकिस्तान जा रहे पानी को रोकने में सफलता मिलने पर भी इन मजबूत किए गए फीडरों से अतिरिक्त पानी राजस्थान लाया जा सकेगा। नहरों से पानी सीपेज की समस्या का निराकरण होगा।
अर्जुनराम मेघवाल, केन्द्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार।